‘PM का समर्थन’ करते ‘कांग्रेस MLA अनिल उपाध्याय’ का वीडियो फेक है
अनिल उपाध्याय के नाम से वायरल होते हैं वीडियो
अनिल उपाध्याय के नाम से वायरल होते हैं वीडियोफोटो: द क्विंट

‘PM का समर्थन’ करते ‘कांग्रेस MLA अनिल उपाध्याय’ का वीडियो फेक है

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो का दावा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक वीडियो क्लिप में एक आदमी काली नेहरू जैकेट और सफेद शर्ट में प्रधानमंत्री मोदी के कामों की तारीफ करता नजर आ रहा है.

वीडियो को इस मैसेज के साथ शेयर किया गया है. ‘कांग्रेस विधायक अनिल उपाध्याय की इस हरकत पर क्या कहेंगे राहुल गांधी. इस Video को इतना वायरल करो कि पूरा हिन्दुस्तान देख सके.’

फोटो: द क्विंट 
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क्या है वायरल वीडियो का सच

वीडियो की सच्चाई जानने के लिए लोगों ने क्विंट को व्हाट्सएप पर सवाल भेजे. तो जानिए वीडियो की असलियत के बारे में...

अनिल उपाध्याय नहीं, मोहन पांडे...

वीडियो में दिख रहे शख्स की पहचान मुन्ना पांडे उर्फ मोहन पांडे के रूप में हुई है. उनकी पहचान तन्मय शंकर नाम के ट्विटर यूजर ने 10 अप्रैल को पोस्ट किए गए वीडियो के आधार पर की है.

जो क्लिप वायरल हुई है, उसे शंकर ने भी ट्वीट किया है. शंकर को प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और पीयूष गोयल के ऑफिस का ऑफिशियल हैंडल भी फॉलो करता है.

शंकर अक्सर पांडे के वीडियो ट्वीट करते रहते हैं.

हर क्लिप में शंकर ने शख्स का नाम मुन्ना पांडे या मोहन पांडे बताया है. जब द क्विंट ने शंकर से बात की तो उन्होंने बताया कि शख्स मोहन पांडे ही हैं. उन्हें वो व्यक्तिगत तौर पर भी जानते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि पांडे किसी भी राजनीतिक पार्टी से संबंधित नहीं है. वे एक प्राइवेट फर्म के लिए काम करते हैं.

मैं उन्हें व्यक्तिगत तौर पर जानता हूं, वे किसी भी पॉलिटिकल पार्टी से संबंधित नहीं हैं. वे एक आम आदमी हैं, जो राजनीति में रूचि रखते हैं. वे ऐसे वीडियो बनाते रहते हैं, जिन्हें मैं शेयर करता हूं.
तन्मय शंकर, एंटरप्रेन्योर

पांडे को लेकर ये पहला फेक क्लेम नहीं है...

यह कोई पहला क्लेम नहीं है जब पांडे के वीडियो किसी और के नाम से वायरल हो गए हों, इससे पहले उनका एक वीडियो काफी चला था, जिसमें उन्हें डीसीपी क्राइम (दिल्ली पुलिस) बताया गया था.

फोटो: फेसबुक

कौन हैं अनिल उपाध्याय और क्यों उनका नाम वायरल हो जाता है?

कई वायरल वीडियो में अनिल उपाध्याय के नाम का इस्तेमाल किया गया है.

पहला दावा:

"ये हैं कमलनाथ की कांग्रेस सरकार का विधायक अनिल उपाध्याय जो पुलिस कर्मचारी को पीट रहा है, देश का राष्ट्रभक्त समाज पुलिस के द्वारा ही ऐसे विधायक को जल्दी सजा दिलवाने के लिए सोशल मीडिया पर पहल करेगा.’’

इस वीडियो में जो शख्स दिखाई दे रहा है वो मेरठ से बीजेपी पार्षद मनीष पंवार हैं.

दूसरा दावा:

हाल ही में बंगाल के एक बूथ कैप्चरिंग वीडियो में उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया गया था. वायरल वीडियो इस मैसेज के साथ फैलाया जा रहा था, 'कांग्रेस विधायक अनिल उपाध्याय की इस हरकत पर क्या कहेंगे राहुल जी, इस वीडियो को इतना वायरल करो कि ये पूरा हिंदुस्तान देख सके..'

फोटो: फेसबुक

दरअसल, यह वीडियो पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर से है. वीडियो में जो शख्स दिखाई दे रहा है वो टीएमसी कार्यकर्ता मोहम्मद सोमिनुद्दीन है.

MyNeta पर चेक करने पर कांग्रेस से संबंधित किसी भी अनिल उपाध्याय नाम के विधायक की जानकारी नहीं मिली है. सर्च में तीन अनिल उपाध्याय सामने आए हैं. इनमें दो अनिल उपाध्याय निर्दलीय और तीसरे बीएसपी से संबंधित हैं.

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