ADVERTISEMENT

सादिक खान ने लंदन में न 460 मस्जिदें बनवाईं और न 500 चर्च बंद कराए

लंदन में लगातार फेक न्यूज फैलाकर मुस्लिम समुदाय के प्रति नफरत पैदा करने की कोशिश हो रही है

Updated
सादिक खान ने लंदन में नहीं बनवाईं 460 मस्जिदें 
i

दावा

3 सितंबर को लंदन में इंडियन हाई कमीशन के बाहर प्रदर्शनकारियों ने काफी हंगामा किया. इस दौरान 'कश्मीर फ्रीडम मार्च' के प्रदर्शनकारियों की ओर से पत्थर फेंकने से हाई कमीशन की खिड़की टूट गई. लंदन के मेयर सादिक खान ने ट्विटर पर इसकी निंदा की. उन्होंने लिखा कि इस हिंसा की इजाजत नहीं दी जा सकती.

ADVERTISEMENT

सादिक के इस ट्वीट पर ‘BharatVasi The Indian’ ने एक ग्राफिक ट्वीट किया जिसमें लंदन में नमाज पढ़ते मुस्लिमों की बैकग्राउंड वाली तस्वीर पर सादिक खान की तस्वीर सुपरइम्पोज की गई है.

सादिक खान ने लंदन में न 460 मस्जिदें बनवाईं और न 500 चर्च बंद कराए
ADVERTISEMENT

ग्राफिक का नाम लंदनिस्तान है जिसमें कथित तौर पर मुस्लिमों से संबंधित तीन आंकड़े दिए गए हैं. ग्राफिक को इस तरह पेश किया गया है कि खान की वजह से लंदन में 460 मस्जिदें खुली हैं. उन्होंने यहां 500 चर्च बंद करा दिए. ग्राफिक में यह भी दावा किया गया है कि 85 शरिया काउंसिल लंदन और वेल्स में मौजूद हैं.

यह ग्राफिक सोशल मीडिया में अप्रैल 2018 से घूम रहा है. उस दौरान ‘Leave.EU’ ग्रुप ने इसे ब्रेग्जिट कैंपेन के एक हिस्से के तौर पर पोस्ट किया था. हालांकि इस ग्राफिक में किए गए सारे दावे गलत हैं.
ADVERTISEMENT

हमने क्या पाया?

1. दावा : लंदन में 460 मस्जिदें हैं.

तथ्य : ये जानकारी ‘मुस्लिम्स इन ब्रिटेन’ के आंकड़ों के हवाले से दी गई है. कहा गया है कि खान ने लंदन में 460 मस्जिदें बनवाई हैं.क्विंट ने '"Muslims in Britain"के आंकड़ों की पड़ताल की और पाया कि ये 460 से काफी कम है. इसकी लिस्ट के मुताबिक जितनी मस्जिदें बताई गई थीं, उनमें से कम से कम 35 मस्जिदें कम हैं. लिस्ट में इस चीज का जिक्र नहीं था कि सभी नई मस्जिदें हैं. न तो यह बताया गया था कि ये कब बनाई गईं. द क्विंट ने पाया कि फिन्सबरी और लिटनस्टोन की मस्जिदें क्रमश: 1990 के दशक और 1976 में बनाई गईं. जबकि सादिक खान 2016 में लंदन के मेयर बने थे.

2. दावा : लंदन में 500 चर्च बंद कर दिए गए

तथ्य : फैक्ट चेकिंग वेबसाइट Snopes के मुताबिक 500 चर्च बंद करवाने का दावा अप्रैल में दक्षिणपंथी थिंकटैंक गेटस्टोन के 2017 में किए गए पोस्ट से उठाया गया है. इसमें दावा किया गया था कि ब्रटिश बहुसांस्कृतिकवादी इस्लामी कट्टरवादियों को बढ़ावा दे रहे हैं. और 'इंग्लिश ईसाईयत' की कीमत पर 'लंदनिस्तान' बनाया जा रहा है. इसमें कहा गया है कि 2001 से अब तक लंदन के 500 चर्च प्राइवेट होम में तब्दील हो चुके हैं. असल में गेटस्टोन ने यह तथ्य बड़ी सफाई से वॉल स्ट्रीट जर्नल की 2012 की एक रिपोर्ट से उठा लिया था जिसमें लंदन में चर्चों के प्राइवेट घरों में तब्दील होने के ट्रेंड का जिक्र था. इस रिपोर्ट का जिक्र रॉयल इंस्टीट्यूशन ऑफ चार्टर्ड सर्वेयर की रिपोर्ट में भी हुआ था.

Snopes की रिपोर्ट में इस बात का जिक्र नहीं था कि ये यर्च कब बंद हुए और न ही किसी भी ऐसे चर्च का जिक्र किया गया है जो 2001 के बाद बंद हुआ हो और उसे प्राइवेट होम में तब्दील न किया गया गया हो. इसके अलावा गेटस्टोन के पोस्ट में लंदन में खुले किसी चर्च का जिक्र नहीं है. जबकि ब्रिटिश रिलिजियस स्टेस्टिशियन और लेखक डॉ पीटर ब्रेयरली की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2005 से 2012 के बीच लंदन में 700 नए चर्च खुले.

इस तरह यह दावा भी गलत साबित हुआ कि लंदन के मेयर सादिक खान ने 500 चर्च बंद करवा दिए. साफ तौर पर यह एक गुमराह करने वाला आंकड़ा है.

3. दावा : इंग्लैंड और वेल्स 85 शरिया काउंसिल हैं

तथ्य : ग्राफिक में दावा किया गया है कि इंग्लैंड और वेल्स में 85 शरिया काउंसिल हैं. यह आंकड़ा गृह मंत्रालय के हवाले से दिया गया है. ग्राफिक यह बताने की कोशिश कर रहा है कि यह डेटा शरिया कानून लागू करने के मामले में स्वतंत्र समीक्षा के दौरान के आंकड़ों से लिया गया है. इसे फरवरी 2018 में सेक्रेट्री ऑफ स्टेट ने पार्लियामेंट में पेश किया गया है. लेकिन ग्राफिक में इन आंकड़ों को मैनिपुलेट किया गया है क्योंकि रिपोर्ट में कहा गया है कि इंग्लैंड में कितनी शरिया काउंसिल हैं पता नहीं. यह 30 से 85 के बीच हो सकती है. इसमें यह भी कहा गया है कि अकादमिक और दूसरे आकलनों के बीच यह संख्या 30 से 85 के बीच हो सकती है. 2009 में थिंक टैंक Civitas की स्टडी में 85 काउंसिल की पहचान की गई थी. लेकिन इसमें ऑनलाइन फोरम भी शामिल है, जिसका ग्राफिक में जिक्र नहीं है. इसके अलावा Civitas ने भी माना था कि यह संख्या निश्चित नहीं है

इस तरह यह दावा भी गलत साबित होता है कि इंग्लैंड और वेल्स में 85 शरिया काउंसिल हैं.

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)

ADVERTISEMENT
Published: 
ADVERTISEMENT
क्विंट हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

120,000 से अधिक ग्राहक जुड़ें!
ADVERTISEMENT