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Yevgeny Prigozhin: 'पुतिन का शेफ' आज बगावत का लीडर, वैगनर ग्रुप के चीफ की कहानी

Who is Yevgeny Prigozhin: डकैती और चोरी के लिए 9 साल जेल में काटने से Wagner group के चीफ बनने तक का सफर

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रूस (Russia) की प्राइवेट आर्मी वैगनर (Wagner Group) के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन (Yevgeny Prigozhin) ने 24 जून को कहा कि उन्होंने सैन्य नेतृत्व को हटाने के प्रयास के तहत रूसी शहर रोस्तोव-ऑन-डॉन पर नियंत्रण कर लिया है. जिसे अधिकारियों ने एक सशस्त्र विद्रोह बताया है. राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस सशस्त्र विद्रोह को कुचलने की कसम खाई है, इसकी तुलना उन्होंने एक सदी पहले हुए रूस के गृहयुद्ध से की है.

क्या आपको पता है आज राष्ट्रपति पुतिन को चुनौती देने वाले येवगेनी प्रिगोझिन को कभी 'पुतिन का शेफ' बुलाया जाता था.

चलिए येवगेनी प्रिगोझिन की कहानी आपको विस्तार से बताते हैं.

पुतिन के होमटाउन से हैं येवगेनी प्रिगोझिन

आक्रामक पीआर, अभद्र भाषा और फ्रंट लाइन में लगातार उपस्थिति के साथ येवगेनी प्रिगोझिन रूस-यूक्रेन युद्ध के जाने माने चेहरों में से एक है. युद्ध के बीच इसने वैगनर ग्रुप के लिए लड़ने के लिए हजारों रूसी कैदियों को भर्ती किया और रक्षा मंत्रालय के साथ सैन्य योजनाओं और गोला-बारूद की आपूर्ति को लेकर खुलेआम झगड़ा किया है.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रिगोझिन एक-दूसरे को जानते हैं और दोनों का जन्म और पालन-पोषण सेंट पीटर्सबर्ग में हुआ था.

हॉटडॉग बेचने से पुतिन के शेफ बनने तक का सफर 

प्रिगोझिन को पहली आपराधिक सजा 1979 में मात्र 18 साल की उम्र में मिली और उसे चोरी के आरोप में ढाई साल की सजा मिली. दो साल बाद, उसे डकैती और चोरी के लिए 13 साल जेल की सजा सुनाई गई, जिसमें से नौ साल उसने सलाखों के पीछे काटे.

1980 के दशक में लंबी जेल की सजा काटने के बाद, प्रिगोझिन ने अपने गृहनगर में हॉटडॉग बेचना शुरू किया. जल्द ही सुपरमार्केट की सीरीज में हिस्सेदारी बनानी शुरू कर दी और अंततः अपनी खुद की रेस्तरां और कैटरिंग कंपनी खोल ली.

पुतिन ने प्रिगोझिन पर इतना भरोसा किया कि उन्होंने 2003 में अपना जन्मदिन न्यू आइलैंड पर मनाया.

प्रिगोझिन के रेस्तरां ने अपने बढ़िया भोजन के लिए तारीफे बटोरीं और जल्द ही प्रिगोझिन तत्कालीन डिप्टी मेयर व्लादिमीर पुतिन सहित शहर के गणमान्य व्यक्तियों की मेजबानी करने लगा.

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रिगोझिन का एक रेस्टोरेंट, जिसे न्यू आइलैंड कहा जाता था, एक नाव थी जो नेवा नदी में चलती थी. व्लादिमीर पुतिन को यह इतना पसंद आया कि - राष्ट्रपति बनने के बाद - उन्होंने अपने विदेशी मेहमानों को वहां ले जाना शुरू कर दिया. माना जाता है कि यहीं दोनों की मुलाकात हुई थी.

पुतिन ने प्रिगोझिन पर इतना भरोसा किया कि उन्होंने 2003 में अपना जन्मदिन न्यू आइलैंड पर ही मनाया.

वर्षों बाद, प्रिगोझिन की कैटरिंग कंपनी कॉनकॉर्ड को क्रेमलिन में फूड सप्लाई करने के लिए कॉन्ट्रैक्ट मिला. इसके बाद प्रिगोझिन को "पुतिन का शेफ" उपनाम मिला. प्रिगोझिन से जुड़े फर्मों ने सैन्य और राज्य संचालित स्कूलों से भी कई कॉन्ट्रैक्ट जीते.

प्रिगोझिन ने वैगनर ग्रुप की शुरुआत कैसे की?

प्रिगोझिन ने पिछले सितंबर में स्वीकार किया था कि उन्होंने 2014 में निजी सैन्य समूह वैगनर की स्थापना की थी, जिस साल रूस ने यूक्रेन से क्रीमिया पर कब्जा किया था. यह उनकी पहली सार्वजनिक पुष्टि थी. इससे पहले उन्होंने इसे नकार दिया था और इसकी रिपोर्टिंग के लिए पत्रकारों पर मुकदमा दायर किया था. वैगनर समूह ने लीबिया, सीरिया, मध्य अफ्रीकी गणराज्य और माली सहित अन्य देशों में लड़ाई लड़ी है.

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समूह ने रूस समर्थित अलगाववादियों को भी समर्थन प्रदान किया, जिन्होंने 2014 में यूक्रेन के पूर्वी डोनबास क्षेत्र के एक हिस्से पर कब्जा कर लिया था.

फिर आया 2022 

वैसे तो शुरुआत में, प्रिगोझिन ने सुर्खियों से दूरी बना रखी ली. वह आमतौर पर अपनी कैटरिंग कंपनी, कॉनकॉर्ड द्वारा जारी बयानों के माध्यम से ही मीडिया से संवाद करते थे.

फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद स्थिति बदल गयी. प्रिगोझिन की सेवाएं फिर से बहुत मांग में थीं. वर्षों तक इस बात से इनकार करने के बाद कि वैगनर का कोई अस्तित्व भी था, 27 जुलाई 2022 को क्रेमलिन ने अचानक स्वीकार किया कि वैगनर पूर्वी यूक्रेन में लड़ रहा था.

लेकिन जैसे-जैसे रूस का आक्रमण लड़खड़ाता गया, प्रिगोझिन रूस के सैन्य नेतृत्व के और अधिक आलोचक होते गए.

रक्षा मंत्रालय के साथ उनके संबंध खराब हो गए और उन्हें 2023 की शुरुआत में और कैदियों को भर्ती करने से रोक दिया गया.

उन्होंने बार-बार दावा किया कि रक्षा मंत्रालय ने वैगनर को गोला-बारूद से वंचित कर दिया है - और एक प्वाइंट पर उन्होंने रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु और जनरल स्टाफ के प्रमुख वालेरी गेरासिमोव पर देशद्रोह का आरोप भी लगाया.

रूस ने सशस्त्र विद्रोह भड़काने के लिए प्रिगोझिन के खिलाफ एक आपराधिक मामला खोला है जबकि राष्ट्रपति पुतिन ने उनके कार्यों को "देशद्रोह" कहा है.

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