पॉडकास्ट | ‘लिंचिंग’ विदेश से आया तो भागवत जी हमने क्यों अपनाया?
मोहन भागवत ने कहा ‘लिचिंग’ से भारत को बदनाम करने की कोशिश हो रही है
मोहन भागवत ने कहा ‘लिचिंग’ से भारत को बदनाम करने की कोशिश हो रही है(फोटो: क्विंट हिंदी)

पॉडकास्ट | ‘लिंचिंग’ विदेश से आया तो भागवत जी हमने क्यों अपनाया?

नागपुर में विजयादशमी और RSS के स्थापना दिवस समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि 'लिंचिंग' कभी भारत की परंपरा नहीं रही है. उन्‍होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के लिए 'लिंचिंग' जैसे शब्द देकर सारे देश को और हिंदू समाज को बदनाम करने की कोशिश होती रहती है.

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मोहन भागवत ने कहा, 'हमारे देश में क्या कभी लिंचिंग होता था, ये शब्द कहां से आया. कुछ छि‍टपुट समूह की घटनाएं हुई हैं, जिस पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन ये हमारी परंपरा नहीं है, किसी दूसरे देश से आए शब्द का प्रयोग कर अपने देश को दुनिया में बदनाम किया जा रहा है.'

भागवत ने कहा कि ‘लिंचिंग’ एक वेस्टर्न कंस्ट्रक्ट है. उन्होंने कहा कि ‘लिंचिंग’ बाहर से आने वाले धार्मिक ग्रंथों से निकला है.

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