शेयर बाजार में सोमवार को भारी गिरावट देखी गई. जहां सेंसेक्स 373.94 अंकों की गिरावट के साथ 28,294.28 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी 108.50 अंकों की गिरावट के साथ 8,723.05 पर बंद हुआ. बाजार एक महीने के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ.
शेयर बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कई ठोस कारण हैं. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दोनों दावेदारों के बीच पहला डिबेट होने वाला है. फेस्टिवल सीजन शुरू हो गया है. रिजर्व बैंक की पाॅलिसी 4 तारीख को आने वाली है- शेयर बाजार इन बड़ी खबरों के बीच दिशा खोजने की कोशिश कर रहा है. हम बताते हैं कि आखिर बाजार गिर क्यों रहा है.
बाजार गिरने की चार बड़ी वजहें
अमेरिका में नए राष्ट्रपति का चुनाव
8 नवंबर को अमेरिका में नए राष्ट्रपति चुने जाने के लिए चुनाव होना है. सर्वे के अनुसार, आधे से ज्यादा लोग अमेरिका में मंगलवार से शुरू होने वाली बहस को देखकर ही अपने उम्मीदवार का चुनाव करेंगे.
अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है और विदेशी निवेशकों का मूड अमेरिका में होने वाली घटनाओं से ही तय होता है. चुनाव का रुख क्या होगा, इसी बात को लेकर निवेशकों में आशंका है. सोमवार की गिरावट के पीछे ये बड़ी वजह रही.
भारत-पाकिस्तान के बीच मदभेद
उरी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के संबंधों में काफी कड़वड़ाहट आ गई है. पाकिस्तान से आए आतंकियों ने उरी में 19 जवानों को मारकर पूरे देश के लोगों के दिल में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा भर दिया है.
निवेशक इस बात से चिंतित है कि अब सरकार पाकिस्तान को किस तरह जवाब देगी. शेयर बाजार इस माहौल से शायद थोड़ा सावधान हुआ है.
आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान
सोमवार के दिन सबसे ज्यादा बैंकों और फाइनेंशियल कंपनियों के शेयर में गिरे. इसका कारण यह है कि 4 अक्टूबर को आरबीआई के नए गवर्नर उर्जित पटेल मॉनेटरी पॉलेसी का ऐलान करने वाले हैं.
बैंकों में ब्याज दर, लोन दरों में उतार-चढ़ाव आ सकता है. बाजार में कमजोरी की यह भी वजह हो सकती है.
त्योहारों का सीजन
सितंबर से लेकर दिसंबर का महीना त्योहारों का होता है. इस दौरान बहुत सारी कंपनियों की 25-50 फीसदी ब्रिकी होती है. इस सीजन में बिक्री से तय होता है कि देश के कंज्यूमर का मूड कैसा है.
बाजार के विशेषज्ञ शायद कंज्यूमर का मूड जानने का इंतजार कर रहे होंगे. देश के इकॉनोमी की रफ्तार उससे जो तय होनी है.
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