चुनाव नतीजों को लेकर सट्टा बाजार में किस पर लग रहा है दांव?
Satta Bazar on Election 2019: काशी के रोड शो से बदला सट्टा बाजार का रुझान
Satta Bazar on Election 2019: काशी के रोड शो से बदला सट्टा बाजार का रुझान(फोटोः Altered By Quint Hindi)

चुनाव नतीजों को लेकर सट्टा बाजार में किस पर लग रहा है दांव?

राजनीतिक रुझानों पर दांव लगाने के लिए कुख्यात आगरा के सट्टा बाजार में लोकसभा चुनाव 2019 के सातों चरणों को लेकर गर्मी साफ देखी जा सकती है. अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि हार-जीत और सीटों के अंतर को लेकर बहुत बड़े-बड़े दांव लगाए गए हैं.

बेलागंज क्षेत्र के नंदन गुरु के अनुसार, "पूरी तरह से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पक्ष में माहौल है. कांग्रस को बोली लगाने वाले नहीं मिल रहे हैं. सट्टेबाजों की नजर में उत्तर प्रदेश में एसपी-बीएसपी गठबंधन भी मजबूत है और इन पर अच्छा खासा पैसा लगाया गया है."

Satta Bazar पर पुलिस की सख्ती

हरि गोपाल के अनुसार भैरों बाजार में दांव लगाने वाले थोड़े ज्यादा सर्तक हैं और सावधानी बरत रहे हैं. लेकिन, राहुल गांधी की कांग्रेस पार्टी को लेकर नकारात्मक ट्रेंड है.

हाल के महीनों में स्थानीय पुलिस प्रमुख अमित पाठक इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को ध्यान में रखते हुए सट्टेबाजों पर ज्यादा सख्त रहे हैं. कई पकड़े भी गए हैं. खुद को इस सबसे दूर रखने वाले जौहरी बाजार के दुकानदार बांके लाल ने कहा, "कई लोग बिना किसी सही पहचान के फर्जी नाम से काम कर रहे हैं."

सट्टा इस बात पर भी लगाया जा रहा है कि क्या एनडीए को 325 से ज्यादा सीटें मिलेंगी, या क्या बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रमुख अखिलेश यादव को छोड़कर एनडीए में शामिल होंगी.  

काशी के रोड शो से बदला सट्टा बाजार का रुझान

स्थानीय स्तर पर, फतेहपुर सीकरी से कांग्रेस के उम्मीदवार राज बब्बर ने कुछ समर्थन हासिल करने में कामयाबी हासिल की है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार राज कुमार चाहर पर अभी भी ज्यादा भाव लग रहा है.

लगता है कि गुरुवार को वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो से सट्टा बाजार को बड़ा संबल मिला है और कई सट्टेबाजों ने उत्तर प्रदेश में बीजेपी के लिए बहुमत सीटों का दावा किया है.

अनौपचारिक, कालाधन आधारित सट्टेबाजी के रैकेट काफी सक्रिय रहे हैं, लेकिन संचालन की गुप्त प्रकृति दावों के सत्यापन को रोकती है.

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आगरा के अलावा इन जिलों में भी सट्टा कारोबार

विपक्षी नेताओं का कहना है कि सट्टा बाजार के रुझानों में बीजेपी समर्थक हेरफेर करते हैं, इसलिए इन्हें विश्वसनीय नहीं कहा जा सकता. हालांकि, आसपास के इलाकों में ज्यादातर लोगों को जानकारी है कि सट्टा बाजार रैकेट सिर्फ आगरा में ही नहीं, बल्कि हाथरस और मथुरा में भी चुनावों के दौरान भारी व्यवसाय करता है.

Satta Bazar से ज्योतिष विद्या का कनेक्शन

दिलचस्प बात यह है कि बड़ी संख्या में ज्योतिषियों ने प्रमुख नेताओं के जन्म चार्ट के आधार पर दावों की लंबी सूची के साथ सट्टा कारोबार में प्रवेश किया है.

वैदिक सूत्रम के चेयरमैन प्रमोद गौतम ने दावा किया कि मोदी के सितारे बुलंद हैं. वह आसानी से सत्ता में वापस आ रहे हैं, बस सीट पिछली बार से कम होंगी.

गौतम ने इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की जीत, वर्ल्ड कप क्रिकेट परिणाम, 2014 में मोदी की जीत और 2017 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीत की सही भविष्यवाणी की थी.

उन्होंने बताया, "नरेंद्र मोदी के जन्म चार्ट में आज से आध्यात्मिक ग्रह बृहस्पति की अनुकूल स्थिति आने वाले चुनावों में सत्ताधारी एनडीए सरकार की जीत सुनिश्चित करेगी. उन्होंने कहा, "मोदी को बड़े पैमाने पर समर्थन मिल रहा है. उनकी पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह भी सकारात्मकता दिखा रहे हैं और दोनों एक साथ बीजेपी को जीत दिलाएंगे."

(इनपुटः IANS)

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