अखिलेश-मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 खास बातें यहां पढ़िए
मायावती और अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस
मायावती और अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस(फोटो: PTI)

अखिलेश-मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 खास बातें यहां पढ़िए

2019 लोकसभा चुनाव से पहले आज उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन का ऐलान हो गया. पहली बार एक साथ एक मंच से प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बीएसपी चीफ मायावती ने गठबंधन का ऐलान किया.

मायावती ने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और बीएसपी 38-38 सीटों पर एक साथ मिलकर लड़ेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए रायबरेली और अमेठी की सीट छोड़ दी गई है. इसके अलावा बाकी दो सीटें सहयोगियों को दी जाएगी.

अखिलेश-मायावती के प्रेस कान्फ्रेंस की अहम बातें

  1. 38-38 सीटों पर लड़ेगी एसपी-बीएसपी: मायावती
  2. यूपी में बीजेपी ने बेइमानी से सरकार बनाई: मायावती
  3. मोदी-शाह की नींद उड़ाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस: मायावती
  4. कांग्रेस के साथ एसपी-बीएसपी गठबंधन का कोई खास फायदा नहीं होता: मायावती
  5. हमारे वोट तो ट्रासंफर हो जाते हैं लेकिन कांग्रेस का वोट ट्रांसफर नहीं होता: मायावती
  6. बीजेपी के घमंड को हराने के लिए बीएसपी और एसपी को एक साथ आना पड़ा: अखिलेश यादव
  7. यूपी ने हमेशा देश को पीएम दिया है. हमे खुशी होगा कि यूपी से पीएम बने: अखिलेश यादव
  8. हमने 2 सीटें यानी अमेठी और रायबरेली को कांग्रेस के लिए छोड़ दिया: मायावती
  9. 2022 का विधानसभा चुनाव भी साथ लड़ेंगे: मायावती
  10. आने वाले समय में 2019 में हुए इस गठबंधन को एक प्रकार से नए राजनीतिक क्रांति का समय माना जायेगा: मायावती

मायवती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में 1993 के उस गेस्ट हाउस कांड को भी याद किया जिसमें उनपर हमला हुआ था. जिसके बाद से समाजवादी पार्टी और बीएसपी में दूरियां हो गई थी. मायावती ने कहा,

समाजवादी पार्टी के साथ 1993 में विधानसभा चुनावों में कांशीराम जी और मुलायाम सिंह जी के गठबंधन में चुनाव लड़ा गया और सरकार बनाई गई थी, बीजेपी की जहरीली, सांप्रदायिक और जातिवादी राजनीतिक से प्रदेश को दूर रखने की मंशा से ऐसा किया गया था, देश में दोबारा ऐसे हालातों के बीच बीएसपी ने एक बार फिर ऐसा करने की जरूरत महसूस की है. लखनऊ गेस्ट हाउस कांड से ऊपर उठकर जनहित में यह गठबंधन हो रहा है.
मायावती, बीएसपी चीफ

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2022 का विधानसभा चुनाव भी साथ लड़ेंगे: मायावती

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सिर्फ 2019 ही नहीं बल्कि 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी गठबंधन का एलान किया. मातावती ने कहा,

एसपी और बीएसपी का गठबंधन स्थायी है और लंबे समय तक चलेगा. 2019 में ही नहीं बल्कि हम 2022 का विधानसभा चुनाव भी साथ लड़ेंगे. इसके बाद भी हम साथ में चुनाव लड़ेंगे.
मायावती, बीएसपी चीफ
2022 का विधानसभा चुनाव भी साथ लड़ेंगे: मायावती
2022 का विधानसभा चुनाव भी साथ लड़ेंगे: मायावती
(फोटो: PTI)

“नरेंद्र मोदी और अमित शाह की नींद उड़ाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस”

मायावती और अखिलेश दोनों ने ही इस दौरान मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला. मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत करते ही पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह की नींद उड़ जाने की बात कही. मायावती ने कहा,

यह नरेंद्र मोदी और अमित शाह की नींद उड़ाने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस है. जनहित में एसपी और बीएसपी का गठबंधन हुआ. बीजेपी के तानाशाही रवैये से जनता परेशान है. 
मायावती, बीएसपी चीफ

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कांग्रेस को भी मायावती ने लिया निशाने पर

कांग्रेस के साथ गठबंधन न करने के सवाल पर बीएसपी चीफ मायावती ने कहा कि आजादी के बाद काफी लंबे समय तक देश और ज्यादातर राज्यों में कांग्रेस ने राज किया. कांग्रेस और बीजेपी की सोच और कार्यशैली एक जैसी नजर आती है. रक्षा सौदे की खरीद में इन दोनों सरकारों में जबरदस्त घोटाले हुए.

कांग्रेस के राज में घोषित इमरजेंसी थी और अब अघोषित. सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर प्रभावी विरोधियों के खिलाफ गड़े मुकदमे उखाड़कर परेशान कर रहे हैं. कांग्रेस के साथ एसपी-बीएसपी गठबंधन का कोई खास फायदा नहीं होता. हमारे वोट तो ट्रासंफर हो जाते हैं लेकिन कांग्रेस का वोट ट्रांसफर नहीं होता या अंदरूनी रणनीति के तहत कहीं और करा दिया जाता है.
मायावती, बीएसपी चीफ

अखिलेश ने कहा- चाहूंगा कि यूपी से बने अगला प्रधानमंत्री

मायावती के बाद बोलते हुए अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला. अखिलेश ने कहा कि उत्तरप्रदेश में बीजेपी ने माहौल खराब करते हुए जमकर जातिवाद फैलाया है. बीजेपी ने यूपी को जाति प्रदेश बना दिया है. इलाज के लिए जख्मी से पहले उसकी जाति पूछी जा रही है. अन्याय और अत्याचार की वजह से शरीफ लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है. अखिलेश यादव ने ये भी कहा कि मायावती का अपमान मेरा अपमान है.

अखिलेश यादव का कहना है कि बीजेपी के घमंड को हराने के लिए बीएसपी और एसपी को एक साथ आना पड़ा. बीजेपी हमारे कार्यकर्ताओं में मतभेद पैदा करने के लिए बहुत कोशिश करेगी. हम एक साथ होकर उनका सामना करेंगे.

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