गगनयान, चंद्रयान-3 में प्राइवेट सेक्टर का भी योगदान होगा: इसरो चीफ

प्राइवेट सेक्टर ने स्पेस ऑपरेशन्स के किन सेक्टर में अपनी रुचि दिखाई है?

Published
भारत
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प्राइवेट सेक्टर ने स्पेस ऑपरेशन्स के किन सेक्टर में अपनी रुचि दिखाई है?
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इसरो के चेयरमैन के सिवन ने 25 जून को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों और रिसर्चर्स को अंतरिक्ष की गतिविधियों में हिस्सा लेने और निवेश करने का न्योता दिया. सिवन ने कहा, "मैं पूरे दिल से प्राइवेट प्लेयर्स को न्योता देता हूं कि वो आगे आएं और अंतरिक्ष गतिविधियां करें और भारत को एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी पावरहाउस बनाएं."

सिवन का ऐलान कैबिनेट बैठक के एक दिन बाद आया है, जिसमें पीएम मोदी ने स्पेस सेक्टर में रिफॉर्म्स को मंजूरी देते हुए प्राइवेट सेक्टर को प्रवेश करने की इजाजत दे दी.

क्विंट के साथ एक इंटरव्यू में सिवन ने प्राइवेट सेक्टर की क्षमता को लेकर सकारात्मक नजरिया रखा. सिवन ने क्विंट से कहा कि भारत भी प्राइवेट सेक्टर के संसाधनों के साथ अंतरिक्ष क्षेत्र में छलांग लगा सकता है.

'ज्यादा खतरे वाले बिजनेस' में प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी

प्राइवेट सेक्टर ने स्पेस ऑपरेशन्स के किन सेक्टर में अपनी रुचि दिखाई है? इस सवाल का जवाब देते हुए इसरो के चेयरमैन ने कहा,

हमें सभी सेक्टर के लिए निवेदन मिले हैं. लॉन्च व्हीकल सेक्टर, सैटेलाइट सेक्टर, एप्लीकेशन सेक्टर, सभी सेक्टर में लोगों की रुचि है. और मुझे विश्वास है कि वो हमारे नए प्रस्तावित सिस्टम का इस्तेमाल कर पाएंगे.  
के सिवन, इसरो के चेयरमैन

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान के सिवन ने कहा था कि प्राइवेट सेक्टर 'महज पार्ट्स और कंपोनेंट्स के सप्लायर होने की जगह कुछ और बड़ी भूमिका अदा कर सकता है'. सिवन ने कहा, "स्पेस डिपार्टमेंट प्राइवेट सेक्टर की स्पेस गतिविधि को बढ़ावा देगा, जिससे वो रॉकेट और सैटेलाइट बनाने और लॉन्च करने और स्पेस आधारित कमर्शियल सेवाएं देने का काम भी कर सके."

क्विंट से बातचीत में सिवन ने कहा कि स्पेस सेक्टर एक ज्यादा खतरे वाला बिजनेस है और कंपनियों को क्वॉलिटी के लिए सावधान रहना होगा.

जो मैकेनिज्म हम प्रस्तावित कर रहे हैं, वो क्वॉलिटी सुनिश्चित करेगा और प्राइवेट सेक्टर को हमारी सुविधाओं को इस्तेमाल करने का मौका भी देगा.
के सिवन, इसरो के चेयरमैन

गगनयान और चंद्रयान-3

सिवन ने इस बात की पुष्टि की है कि प्राइवेट सेक्टर की आने वाले गगनयान और चंद्रयान-3 जैसे मिशन में सक्रिय भूमिका होगी.

के सिवन ने क्विंट से कहा, "इन मिशन में प्राइवेट सेक्टर कुछ टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट में मदद कर सकता है. हर मिशन को बहुत हाई-एंड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट की जरूरत होती है. इसलिए प्राइवेट सेक्टर इसमें बड़ी भूमिका निभा सकता है."

इससे पहले सिवन बता चुके हैं कि इसरो ने 2020 में 10 लॉन्च प्लान किए थे, लेकिन ये कोरोना वायरस महामारी की वजह से 'प्रभावित' हो गए हैं. सिवन ने बताया कि गगनयान मिशन का लॉन्च 2021 के अंत तक स्थगित हो सकता है.

दूसरे देशों के साथ प्रतिस्पर्धा

सिवन का कहना है कि वो प्राइवेट सेक्टर को स्पेस गतिविधियों में मौका देना चाहते हैं, जिससे कि वो और इंटरनेशनल एजेंसियों से मुकाबला कर सकें.

जब सिवन से कहा गया कि अमेरिका और चीन में कमर्शियल स्पेस एक्सप्लोरेशन और स्पेस फ्लाइट जैसे एरिया में प्राइवेट सेक्टर पहले से ही मौजूद है, तो उन्होंने जवाब दिया, "भारत में मानव संसाधन का बड़ा रिजर्व है और परिश्रम के दम पर भारत भी छलांग लगा सकता है."

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