कश्मीर के हालात पर डॉक्टर का दर्द- ‘सही हालात क्या हैं, पता नहीं’

जम्मू-कश्मीर में अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं हालात

Updated13 Aug 2019, 12:10 PM IST
भारत
2 min read

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने एक ओर दावा किया कि सोमवार, 12 अगस्त को घाटी में ईद शांतिपूर्ण तरह से मनाई गई, लेकिन दूसरी ओर क्विंट ने देखा कि जमीनी हालात कुछ और ही हैं. जब वहां एक डॉक्‍टर से बात की गई, तो उन्‍होंने आशंका के बीच हालात बयां किया.

‘ईद मनाने को लेकर कोई ख्वाहिश नहीं है, क्योंकि लोग खुश नहीं हैं. लोगों की घेराबंदी कर दी गई है. इस ईद पर लोगों के बीच जश्‍न नहीं है.’
जम्मू-कश्मीर में एक अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर ने क्विंट से कहा

डर के कारण डॉक्टर ने कैमरे पर बात करने से मना कर दिया. उन्होंने कहा, ''ये इंटरव्यू भी रिस्की है. मैं इस वक्त ये इंटरव्यू देने का रिस्क ले रहा हूं. मुझे नहीं मालूम कि मैं कहां हूं और किस देश से ताल्लुक रखता हूं और मुझे नहीं मालूम कि मैं कहां जाऊंगा.'

पैलेट गन के कई पीड़ित

डॉक्टर ने बताया कि जिस अस्पताल में वो काम करते हैं, उसमें पैलेट गन से घायलों के करीब 10-15 और दो बुलेट गन से जख्मी होने के मामले हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘एक महिला थी, जिसे आंसू गैस के गोले के कारण दम घुटने के कारण लाया गया था. वो डायलेटेड कार्जडियोमायोपैथी की मरीज थी. हमने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन बहुत देर हो चुकी थी.’’

डॉक्टर ने कहा कि कर्फ्यू के कारण, मेडिकल सुविधाओं को चालू रखना मुश्किल साबित होगा.

उन्होंने बताया कि डॉक्टरों को केवल इमरजेंसी सर्जरी करने के लिए कहा गया है.

‘’सभी वॉर्ड को सिर्फ इमरजेंसी मरीजों का इलाज करने का आदेश किया गया है. दूसरी सर्जरी के लिए मना किया गया है, क्योंकि हम इसे लंबे समय तक बनाए नहीं रख सकते. उपकरण, दवा और खाना और फ्यूल खत्म हो जाएंगे.’’

'नॉर्मल क्या होता है, पता नहीं'

पिछले हफ्ते कर्फ्यू लगने के बाद से एक भयानक सी शांति ने जम्मू-कश्मीर को जकड़ लिया है. डॉक्टर को लगता है कि आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं.

‘‘मुझे किसी भी बदलाव की उम्मीद नहीं है. मुझे लगता है कि यहां से अब सब खराब ही होगा. अगर लोगों की आवाजाही शुरू होती है, तो लोग प्रदर्शन करेंगे और मारे जाएंगे. स्थिति हाथ से बाहर हो जाएगी.’’
डॉक्टर की टिप्‍पणी

डॉक्टर ने कहा कि सरकार को एक प्रस्ताव लाने की जरूरत है.

शांति, बैरिकेड और प्रतिबंध

जम्मू-कश्मीर में लगे प्रतिबंध का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि डॉक्टर पिछले 8 दिनों से न अपने परिवार से बात कर पाए हैं, और न ही घर जा पाए हैं.

उन्होंने कहा, ''मैं पिछले 8 दिनों से अपने परिवार से बात नहीं कर पा रहा हूं. मुझे नहीं मालूम कि वो कहां हैं या क्या कर रहे हैं. किसी को वहां जाने की इजाजत नहीं है... घर जाना और वापस लौटकर आना एक बड़ा रिस्क है.''

कोरोनावायरस से जारी जंग के बीच तमाम अपडेट्स और जानकारी के क्लिक कीजिए यहां

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram और WhatsApp चैनल से जुड़े रहिए यहां)

Published: 13 Aug 2019, 08:05 AM IST

क्विंट हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

120,000 से अधिक ग्राहक जुड़ें!