उन्नाव केस: SC से UP सरकार को फटकार,चाबुक, लताड़ सब-10 बड़ी बातें

उन्नाव केस: SC से UP सरकार को फटकार,चाबुक, लताड़ सब-10 बड़ी बातें

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फटकार, चाबुक, लताड़...सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार की जो गत हुई उसके लिए ये सारे शब्द फिट बैठते हैं. पहले यूपी में उन्नाव रेप पीड़िता की कोई सुनवाई न हुई और अब 1 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार की कोई सुनवाई नहीं हुई. सुप्रीम कोर्ट ने उन्नाव केस से जुड़े हर मामले में सख्त निर्देश दिए. कोर्ट ने पूछा - आखिर हो क्या रहा है इस देश में? कोर्ट के निर्देशों से अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही उन्नाव की बेटी को इंसाफ की उम्मीद जगी होगी. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस अनिरूद्ध बोस की बेंच ने देखिए अपने निर्देश में कितनी सख्त बातें कही हैं.

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  1. सुप्रीम कोर्ट ने साफ-साफ शब्दों में रेप से जुड़े मुख्य मुकदमे की सुनवाई 45 दिन के भीतर पूरी करने का आदेश दिया है.
  2. रायबरेली के पास हुए सड़क हादसे में जख्मी रेप पीड़ित को अंतरिम मुआवजे के तौर पर 25 लाख रुपये देने का भी आदेश यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने दिया है. पीड़िता के वकील को भी 20 लाख रुपये के मुआवजे का आदेश दिया गया है.साथ ही हिदायत दी कि ये आर्थिक मदद 2 अगस्त तक मुहैया करा दी जाए.
  3. सीबीआई को ट्रक और बलात्कार पीड़ित की कार में हुई टक्कर से जुड़े पांचवे मामले की जांच सात दिन के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया गया है.
  4. कोर्ट ने साफ-साफ कहा है कि असाधारण परिस्थियों में ही इस दुर्घटना की जांच पूरी करने की अवधि 7 दिन और बढ़ाने का अनुरोध कर सकता है.
  5. इन सभी मुकदमों की सुनवाई करने वाले जज भी सुप्रीम कोर्ट तय करेगा
  6. कोर्ट ने कहा कि आरोपियों की बात सुने बगैर ये फैसला इसलिए किया जा रहा है, जिससे जांच और सुनवाई में तेजी आ सके.
  7. कोर्ट ने ये भी कहा कि आज (1 अगस्त) जो आदेश पारित किए गए हैं, उसमें किसी भी प्रकार का बदलाव करने या इसे वापस लेने के अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा.
  8. पीठ ने सीबीआई से ये भी जाना कि घायल-पीड़ित को लखनऊ के KGMU से दिल्ली के AIIMS ले जाया जाए या नहीं. इस बात का फैसला घायलों के परिवार से हिदायत मिलने के बाद ही किया जाएगा.
  9. इस केस में अब शुक्रवार को फिर सुनवाई होगी जिसमें कोर्ट रेप पीड़ित के चाचा की ओर से पेश आवेदन पर सुनवाई करेगी. वो इस समय रायबरेली की जेल में बंद है. इस आवेदन में उनको राजधानी की जेल में ट्रांसफर करने का निवेदन किया गया है.
  10. कोर्ट ने पीड़िता के परिवार की सुरक्षा में केंद्रीय बलों को लगाने का निर्देश दिया है. साथ ही crpf को कहा है कि वो सीधे कोर्ट को रिपोर्ट करे.

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