नीतीश कुमार 2020 के बाद CM कुर्सी छोड़ देंगे: उपेंद्र कुशवाहा

JDU ने कुशवाहा के दावे को किया खारिज

Updated
भारत
3 min read
उपेंद्र कुशवाहा
i

केंद्र की एनडीए सरकार में सहयोगी बिहार की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है. बिहार की राजधानी पटना में एक कार्यक्रम के दौरान उपेंद्र कुशवाहा ने दावा किया कि 2020 विधानसभा चुनाव के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ देंगे.

कुशवाहा ने कहा, 'मुख्यमंत्री पर मैं कोई राजनीति नहीं कर रहा हूं और ना ही कोई व्यंग्यात्मक टिप्पणी. लेकिन ये सच है कि वह (नीतीश कुमार) खुद कह चुके हैं कि 2020 विधानसभा चुनाव के बाद वह मुख्यमंत्री नहीं बने रहना चाहते. नीतीश ने एक बार कहा था कि वह 15 साल मुख्यमंत्री रह चुके हैं. और कब तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे.'

कुशवाहा ने कार्यक्रम में क्या कहा?

केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी के कार्यक्रम में नीतीश कुमार को अपना बड़ा भाई बताया. कुशवाहा ने कहा कि उनके और नीतीश कुमार के रिश्ते को कोई नहीं समझ सकता.

कुशवाहा ने कहा-

नीतीश कुमार मेरे बड़े भाई जैसे हैं. जितना मैं नीतीश कुमार को जानता हूं, उतना ही नीतीश कुमार भी मुझे जानते हैं. हम दोनों के बीच के रिश्ते को गलत समझने वाले एक दिन धोखा खा जाएंगे. बड़े भाई नीतीश कुमार को जनता ने खुद बनाया है. नीतीश जी ने मुझसे खुद कहा कि मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए उन्हें 15 साल हो गए. अब नीतीश कुमार खुद नहीं चाहते कि वह मुख्यमंत्री बनें.  

JDU ने कुशवाहा के दावे को किया खारिज

उपेंद्र कुशवाहा के बयान को जेडीयू ने पूरी तरह खारिज किया है. जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनने का जनादेश मिला है. उन्हें विधायकों का पूरा समर्थन है और वह अपने पद पर बने रहेंगे.

जुलाई महीने में कहा था नीतीश को छोड़ देनी चाहिए सीएम की कुर्सी

बीती 25 जुलाई को उपेंद्र कुशवाहा ने कहा था कि नीतीश कुमार करीब 15 साल से मुख्यमंत्री के पद पर हैं, अब उन्हें खुद ही इस पद को छोड़ देना चाहिए. एक क्षेत्रीय समाचार चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा था-

‘नीतीश ने 15 साल तक बिहार की सेवा की, अब किसी और व्यक्ति को मौका देना चाहिए. मैं राजनीति के तौर पर यह नहीं कह रहा हूं. नीतीशजी हमारे भी नेता रहे हैं. बिहार की जनता ने उन्हें लगभग 15 साल मौका दिया है. मुझे व्यक्तिगत तौर पर लगता है कि नीतीश कुमार को खुद पद छोड़ देना चाहिए और बिहार में किसी और को मौका देना चाहिए और उन्हें बड़ी राजनीति करनी चाहिए.’

उन्होंने कहा था, ‘उन्होंने (नीतीश) ने 15 साल तक यहां की जनता की सेवा की है. 15 साल कोई कम समय नहीं होता. आखिर नेता मौका क्यों मांगता है. मौका इसलिए मांगता है, ताकि वह अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर सके. मैं उनके व्यक्तित्व को जानता हूं. मुझे लगता है कि वो खुद कहेंगे कि वो अगले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं होंगे.’

सीटों के बंटवारे को लेकर नाराज हैं कुशवाहा

कुशवाहा के इस बयान को लेकर बिहार की सियासत में एक बार फिर से सीएम पद की दावेदारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. बता दें कि पटना में आयोजित कार्यक्रम में कुशवाहा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि मंच से नारा लगाने से कुछ हासिल नहीं होगा. समय आने पर बिहार की जनता ही तय करेगी कि राज्य का मुख्यमंत्री कौन होगा.

कुशवाहा ने कार्यकर्ताओं से कहा कि इसके लिए मेहनत करनी होगी और जनता के सुख-दुख में बराबर से शामिल होना पड़ेगा.

बता दें कि अमित शाह और नीतीश कुमार की मौजूदगी में बीजेपी और जेडीयू के बीच बराबर संख्या में सीटों के बंटवारे के ऐलान के बाद से कुशवाहा नाराज हैं.

कोरोनावायरस से जारी जंग के बीच तमाम अपडेट्स और जानकारी के क्लिक कीजिए यहां

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram और WhatsApp चैनल से जुड़े रहिए यहां)

Published: 
क्विंट हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

120,000 से अधिक ग्राहक जुड़ें!