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कांग्रेस बताए, मप्र में 'वंदे मातरम्' बंद करने का फैसला किसका था : शिवराज

कांग्रेस बताए, मप्र में 'वंदे मातरम्' बंद करने का फैसला किसका था : शिवराज

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भोपाल, 3 जनवरी (आईएएनएस)| मध्य प्रदेश में 'वंदे मातरम्' के सामूहिक गान पर अघोषित रोक और उसके बाद सरकार के 'यूटर्न' के साथ नए तरह से आयोजन कराने के ऐलान के बाद भाजपा के हमले तेज हो गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस से सवाल किया कि वह बताए कि 'वंदे मातरम्' को बंद करने का फैसला राहुल गांधी का था या स्वयं कमलनाथ का। पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने गुरुवार को एक साथ कई ट्वीट कर कहा, "राष्ट्रगीत 'वंदेमातरम्' और राष्ट्रगान 'जन गण मन' के सम्मानजनक गायन का निर्णय लेना ही पड़ा, ये हमारे मध्यप्रदेश के निवासियों की जीत है, जिनकी राष्ट्रभक्ति के सामने कांग्रेस सरकार झुकी है। राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान देश और हम सभी की आत्मा-अस्मिता है। इससे खिलवाड़ नहीं होने देंगे।"

चौहान ने आगे लिखा है, "वंदेमातरम् गायन की परंपरा बाधित करने का प्रयास न सिर्फ असफल हुआ, बल्कि जबरदस्त जनदबाव के चलते इसके सम्मान को बनाए रखने के लिए कांग्रेस सरकार को बाध्य होना पड़ा। ऐसे ही हर देश और जनविरोधी प्रयासों का भाजपा इसी प्रकार डटकर विरोध करेगी। सरकार की हर हरकत पर हमारी नजर लगातार है।"

पूर्व मुख्यमंत्री ने जनता से सात जनवरी के सामूहिक गान में हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, "हम सभी सात जनवरी को मंत्रालय परिसर में वंदेमातरम् का गायन करेंगे। आप सभी इसमें अवश्य शामिल हों। हमारी नजर अगले महीने की एक तारीख पर भी बनी रहेगी। कांग्रेस को समझना होगा कि वंदेमातरम् दलीय राजनीति से ऊपर है। सरकारों के आने-जाने से इसे प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, "वंदेमातरम् गायन पर कांग्रेस सरकार ने जनदबाव में निर्णय ले लिया है, लेकिन ये सवाल अभी भी अनुत्तरित है कि वंदेमातरम् रोकने के पीछे राहुल गांधी की मंशा थी या खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ का निर्णय? इसका जवाब प्रदेश को मिलना ही चाहिए। मेरा मध्यप्रदेश सब देख रहा है।"

राज्य में बीते 13 सालों से वल्लभ भवन के उद्यान में हर माह की एक तारीख को 'वंदे मातरम्' का सामूहिक गायन होता आया है, मगर सत्ता बदलने के साथ एक जनवरी को यह सामूहिक गान नहीं हुआ। इस मामले पर भाजपा ने जोरदार हंगामा किया। यह दीगर बात है कि हंगामा करनेवाले कुछ लोगों से एक समाचार चैनल ने जब 'वंदे मातरम्' सुनाने के लिए कहा गया तो वे बगलें झांकने लगे।

भाजपा के हंगामे के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि वे 'वंदे मातरम् गान' की व्यवस्था नए तरीके से कराएंगे। अब 'वंदे मातरम्' का गान हर माह के पहले कार्य दिवस को होगा।

(ये खबर सिंडिकेट फीड से ऑटो-पब्लिश की गई है. हेडलाइन को छोड़कर क्विंट हिंदी ने इस खबर में कोई बदलाव नहीं किया है.)

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