इंटरव्यू में बोले PM मोदी- कश्मीर से बड़ा कोई फैसला नहीं हो सकता
पीएम मोदी
पीएम मोदी(फोटोः IANS)

इंटरव्यू में बोले PM मोदी- कश्मीर से बड़ा कोई फैसला नहीं हो सकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का फैसला उनकी सरकार का सबसे बड़ा फैसला है. पीएम मोदी ने न्यूज एजेंसी IANS को दिए इंटरव्यू में कहा कि कश्मीर से बड़ा कोई फैसला नहीं हो सकता है.

पीएम मोदी ने कहा कि 17वीं लोकसभा के पहले सत्र ने रिकॉर्ड बनाया है. यह 1952 से लेकर अबतक का सबसे फलदायी सत्र रहा है. पीएम मोदी ने कहा-

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मेरी नजर में यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है, बल्कि बेहतरी का एक ऐतिहासिक मोड़ है, जिसने संसद को जनता की जरूरतों के प्रति ज्यादा जवाबदेह बनाया है. कई ऐतिहासिक पहलें शुरू की गई, जिसमें किसानों और व्यापारियों के लिए पेंशन योजना, मेडिकल सेक्टर का रिफॉर्म, दिवाला और दिवालियापन संहिता में महत्वपूर्ण संशोधन, श्रम सुधार की शुरुआत..मैं लगातार आगे बढ़ता रहा. कोई समय की बर्बादी नहीं, कोई लंबा सोच-विचार नहीं, बल्कि कार्यान्वयन और साहसी निर्णय लेना, कश्मीर से बड़ा कोई निर्णय नहीं हो सकता.”

प्रधानमंत्री मोदी ने कश्मीर और अपनी सरकार के 75 महत्वपूर्ण दिनों के बारे में आईएएनएस के साथ विस्तार से बातचीत की.

आमतौर पर सरकारें अपना रिपोर्ट कार्ड 100 दिनों पर सामने रखती है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने 75 दिनों पर ही अपना रिपोर्ट कार्ड पेश किया है.

‘स्पष्ट नीति और सही दिशा के फॉर्मूले पर चल रही है सरकार’

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उनका दूसरा कार्यकाल किस तरह से अलग है? प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमने अपनी सरकार बनने के चंद दिनों के भीतर ही एक अभूतपूर्व रफ्तार तय कर दी. हमने जो हासिल किया है, वह स्पष्ट नीति, सही दिशा का परिणाम है. पीएम मोदी ने कहा-

हमारी सरकार के पहले 75 दिनों में ही ढेर सारी चीजें हुई हैं. बच्चों की सुरक्षा से लेकर चंद्रयान-2, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई से लेकर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक जैसी बुराई से मुक्ति दिलाना, कश्मीर से लेकर किसान तक हमने वह सबकुछ कर के दिखाया है, जो एक स्पष्ट बहुमत वाली दृढ़संकल्पित सरकार हासिल कर सकती है. हमने जल आपूर्ति सुधारने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के एकीकृत दृष्टिकोण और एक मिशन मोड के लिए जलशक्ति मंत्रालय के गठन के साथ हमारे समय के सर्वाधिक जरूरी मुद्दे को सुलझाने के साथ शुरुआत की.

‘मजबूत जनादेश से फैसले लेने में आसानी’

पीएम मोदी से जब पूछा गया कि क्या इस तेज रफ्तार की वजह पहले कार्यकाल से ज्यादा बहुमत के साथ सत्ता में लौटना तो नहीं है? क्या वह इस बात को लेकर सजग हैं कि जिन लोगों ने उन्हें इतना बड़ा बहुमत दिया है, उन्हें एक संदेश देना आवश्यक है कि अगले पांच साल में क्या होने वाला है?

प्रधानमंत्री ने इस बात को स्वीकार किया, और कहा

एक तरह से, सरकार की जिस तरह जोरदार तरीके से सत्ता में वापसी हुई है, उसका भी यह परिणाम है. हमने इन 75 दिनों में जो हासिल किया है, वह उस मजबूत बुनियाद का परिणाम भी है, जिसे हमने पिछले पांच साल के कार्यकाल में बनाए थे. 

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले पांच सालों में किए गए सैकड़ों सुधारों की वजह से देश आज इस गति से आगे बढ़ने के लिए तैयार है, इसमें जनता की आकांक्षाएं जुड़ी हुई हैं. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकार के कारण नहीं, बल्कि संसद में मजबूती की वजह से भी हुआ है.

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