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बीजेपी शासित राज्यों का जनसंख्या नियंत्रण का प्रयास राजनीति से प्रेरित- शशि थरूर

"अगले 20 वर्षों में सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती आबादी नहीं,बुजुर्ग होती आबादी के लिए तैयारी करने की होगी -Shashi Tharoor

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बीजेपी शासित राज्यों का जनसंख्या नियंत्रण का प्रयास राजनीति से प्रेरित- शशि थरूर
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बीजेपी शासित राज्यों के जनसंख्या नियंत्रण (Population Control) से जुड़े प्रयासों में तेजी के बीच वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने आरोप लगाया है कि बीजेपी का इस मुद्दे को उठाना राजनीति से प्रेरित है और इसका मकसद एक 'विशेष समुदाय' को निशाना बनाना है.

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ये बात उन्होंने PTI को दिये अपने इंटरव्यू में कही. पूर्व केंद्रीय मंत्री थरूर ने कहा कि भारत के लिए अगले 20 वर्षों में सबसे बड़ी चुनौती बढ़ती आबादी नहीं बल्कि बुजुर्ग होती आबादी के लिए तैयारी करने की होगी.

जनसंख्या पर होती बहस पर उन्होंने कहा कि ये बहस "पूरी तरह गलत जगह केंद्रित है" और आधी सदी पुरानी है, क्योंकि भारतीय राज्यों के एक बड़े हिस्से ने प्रजनन के संबंध में रिप्लेसमेंट लेबल को हासिल कर लिया है.

"उनका मकसद पूरी तरह से राजनीतिक और सांप्रदायिक है"

लोकसभा सांसद शशि थरूर ने कहा "यह कोई संयोग नहीं है कि जिन तीन राज्यों में सरकार जनसंख्या नियंत्रण करने की बात कर रही है वह यूपी, असम और लक्ष्यदीप हैं, जहां हर कोई जानता है कि उनके निशाने पर कौन है"

उत्तर प्रदेश और असम में जनसंख्या नियंत्रण पर जोर देने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा "हमारी राजनीति के हिंदुत्ववादी तत्वों ने वास्तव में जनसांख्यिकीय मुद्दे का अध्ययन नहीं किया है उनका मकसद पूरी तरह से राजनीतिक और संप्रदायिक है"

जनसंख्या नियंत्रण के तेज होते प्रयास

बता दें कि हाल ही में यूपी के राज्य विधि आयोग ने 'यूपी जनसंख्या विधेयक, 2021' का ड्राफ्ट तैयार किया है.असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जनसंख्या नियंत्रण की जरूरत पर बल दिया है. इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल ने भी पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अधिकतम 2 बच्चों का प्रावधान किया था.

'यूपी जनसंख्या विधेयक, 2021' के ड्राफ्ट में उन लोगों को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित करने का प्रावधान है जिनके दो से अधिक बच्चे हैं और इसमे 'टू चाइल्ड पॉलिसी' का पालन करने वाले लोगों के लिए सुविधाओं का भी प्रस्ताव है.

इसके अलावा संसद के दोनों सदनों के सचिवालयों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ बीजेपी सांसद आगामी मानसून सत्र में 'जनसंख्या नियंत्रण' और 'समान नागरिकता संहिता' पर प्राइवेट मेंबर बिल लाने के लिए तैयार हैं.

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