राज्यपाल से मिलकर बोले शिवराज- नियुक्तियों पर लगे रोक

राज्यपाल से मिलकर बोले शिवराज- नियुक्तियों पर लगे रोक

पॉलिटिक्स

मध्य प्रदेश में सियासी संकट के बीच बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की. शिवराज सिंह ने राज्यपाल से कांग्रेस सरकार की ओर से की जा रही नियुक्तियों पर रोक लगाने का अनुरोध किया.

राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से शिवराज सिंह ने कहा, कमलनाथ सरकार अल्पमत में है और इस मामले की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रही है. लेकिन ये सरकार कई संवैधानिक पदों पर लगातार नई नियुक्तियां कर रही है.

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शिवराज ने कहा, "रातों रात चीफ सेक्रेटरी बदले जा रहे हैं. जैसे इनके घर की खेती हैं. ये सभी नियुक्तियां असंवैधानिक हैं. हमने राज्यपाल से इन सभी संवैधानिक पदों पर गई नियुक्तियों पर रोक लगाने का अनुरोध किया है."

ये तो ऐसे हो रहा है जैसे कोई फौज हारती है, तो जाते-जाते जितना लूट सको लूट लो. ये बिल्कुल गलत है. इसलिए ये सभी नियुक्तियां रद्द होनी चाहिए.
शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी नेता

“कोई विधायक बंधक नहीं हैं, सभी खुली हवा में सांस ले रहे हैं”

मध्य प्रदेश सरकार लगातार आरोप लगा रही है कि बीजेपी ने उसके विधायकों को बंदी बना रखा है. इस पर शिवराज सिंह ने कहा, "कमलनाथ कहते हैं कि उनके विधायकों को बंधक रखा है. लेकिन उन सभी विधायकों ने इससे इनकार कर दिया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सभी विधायकों ने अपनी बात रखी. वो सभी अपनी सरकार से परेशान और प्रताड़ित हैं. वो मानते हैं कि कांग्रेस सरकार ने जनता परेशान हैं."

वो विधायक बंधक नहीं हैं, वो खुली हवा में सांस ले रहे हैं. उनका दम घुटता है तो कमलनाथ सरकार में घुटता है. इस सरकार ने इतनी तबाही और बर्बादी की कि उनके विधायकों इस्तीफा देना पड़ गया.
शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी नेता

शिवराज ने एक बार फिर दावा किया कि मध्य प्रदेश सरकार अल्पमत में है. उनके पास बहुमत नहीं है. साथ ही शिवराज सिंह चौहान ने ये भी साफ किया कि बीजेपी ने अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस नहीं दिया है. उन्होंने कहा, 'जब राज्यपाल ही विश्वास प्रस्ताव का निर्देश दे रहे हैं, तो बीजेपी अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस क्यों देगी. ये लोग भ्रम फैला रहे हैं.'

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