बाइडेन-कमला के हाथ में US की कमान, भारत से रिश्तों का क्या होगा?

बाइडेन-हैरिस की जोड़ी यूएस-भारत के रिश्तों के लिए क्या मायने रखती है?

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पॉडकास्ट
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 पॉडकास्ट में जानिए बाइडेन प्रेसीडेंसी का दुनिया और भारत के लिए क्या मतलब है.
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रिपोर्ट: फबेहा सय्यद
सीनियर डेस्क राइटर: वैभव पलनीटकर
म्यूजिक: बिग बैंग फज

जनवरी 2021 में बाइडेन अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति' बनने जा रहे हैं. जब भी अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होता है तो इस इवेंट को इंटरनेशनल मीडिया जबरदस्त कवरेज मिलती है. इस बार भी इलेक्शन को दुनिया भर के लोग करीब से फॉलो कर रहे थे. इसकी वजह ये थी अमेरिका का लोकतंत्र ही दांव पर था. ये लोकतंत्र की ही अग्निपरीक्षा थी. अमेरिका को दुनिया का सबसे मजबूत लोकतंत्र माना जाता है - वो ट्रम्प के कार्यकाल के दौरान जिन चुनौतियों से गुज़रा उसे लेकर ये चुनाव ट्रम्प के खिलाफ एक रेफेरेंडम के तौर पर लड़ा गया. इस चुनाव में वोटो की गिनती अभी चल ही रही है लेकिन बाइडेन को राष्ट्रपति बनने के लिए जितने वोट चाहिए थे, उतने वो हासिल कर चुके हैं.

हम भारतीयों के लिए ये अमेरिकी चुनाव एक और वजह से खास है. वजह ये है कि भारतीय मूल की कमला देवी हैरिस US की वाईस प्रेजिडेंट बनने जा रही हैं. जो बाइडेन का राइट हैंड बनने के लिए एकदम तैयार हैं. कमला अमेरिका के इतिहास में पहली अश्वेत और दक्षिण एशियाई-अमेरिकी उपराष्ट्रपति के साथ पहली 'महिला' उपराष्ट्रपति होंगी. तो आज पॉडकास्ट में यही समझने की कोशिश करेंगे कि बाइडेन-हैरिस की जोड़ी यूएस-भारत के रिश्तों के लिए क्या मायने रखती है?

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