रामविलास पासवान के बाद LJP का भविष्य,  बिहार चुनाव पर असर

पासवान को राजनीति का वैज्ञानिक कहा जाता था, कहा जाता था कि वो पहले ही राजनीतिक स्थिति को भांप लेते थे.

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पॉडकास्ट
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पासवान को राजनीति का वैज्ञानिक कहा जाता था. वो पहले ही राजनीतिक स्थिति को भांप लेते थे.
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रिपोर्ट: फबेहा सय्यद
असिस्टेंट एडिटर: मुकेश बौड़ाई
म्यूजिक: बिग बैंग फज

भारत ने 8 अक्टूबर 2020 को एक ऐसा नेता खो दिया, जिसे पक्ष हो या विपक्ष सभी लोग पसंद करते थे. राजनीति में 5 दशक से भी लंबा करियर बिताने वाले रामविलास पासवान अब हमारे बीच नहीं रहे. पासवान को राजनीति का वैज्ञानिक कहा जाता था, कहा जाता था कि वो पहले ही राजनीतिक स्थिति को भांप लेते थे. राम विलास पासवान 74 साल के थे और 3 अक्टूबर से दिल की सर्जरी होने की वजह से उनकी हालत गंभीर थी. उनके निधन की खबर उनके बेटे चिराग पासवान ने ट्विटर पर एक तस्वीर शेयर करते हुए दी, जिसमें लिखा था 'आई मिस यू पापा'.

पासवान का नाम बिहार के दिग्गज नेताओं में गिना जाता था, और उनके राजनैतिक क़द की वजह से विपक्ष तक उनका सम्मान करता था. आज इस पॉडकास्ट में राम विलास पासवान के पॉलिटिकल करियर को याद करेंगे, और अब बिहार में होने वाले चुनाव में उनके ना होने से क्या असर पड़ेगा इस पर भी समझेंगे.

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