अमेरिकी चुनाव- कमला हैरिस और पेंस की डिबेट, कौन किस पर है भारी?

इस डिबेट में क्या ये कहना ठीक होगा कि कमला हैरिस ने अपने रनिंग मेट जो बाइडेन का अच्छे से बचाव किया?

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पॉडकास्ट
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चुनावी प्रचार में ट्रम्प के लिए कोरोनावायरस को कम आंकना कितना घातक हो सकता है?
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रिपोर्ट: फबेहा सय्यद
वॉइस ओवर: आकांक्षा सिंह और नमन मिश्र
असिस्टेंट एडिटर: मुकेश बौड़ाई
म्यूजिक: बिग बैंग फज

बुलिंग, हेकलिंग, और 'शट अप मैन' जैसी भाषा शायद ही कभी अमेरिका के किसी भी प्रेसिडेंशियल डिबेट में सुनी गई हों, ट्रंप और बाइडेन के बीच हुई डिबेट में ये सब लोगों ने सुना. लेकिन वाइस प्रेसिडेंशियल इलेक्शन में फिर से लगा कि अमेरिका की राजनीति में अब भी कुछ बचा है. 7 अक्टूबर की रात अमेरिका में वाइस प्रेसिडेंशियल डिबेट हुई. सॉल्ट लेक सिटी में उपराष्ट्रपति उम्मीदवारों- डेमोटक्रेटिक पार्टी की कमला हैरिस और रिपब्लिकन पार्टी के माइक पेंस आमने-सामने उतरे. साथ ही, हैरिस ने डिबेट में शामिल हो कर एक रिकॉर्ड बनाया. वो पहली ब्लैक और दक्षिणी एशियाई महिला बन गई हैं, जिन्होंने जनरल इलेक्शन डिबेट में हिस्सा लिया. इस बहस में कोरोना वायरस संकट से लड़ाई ही सबसे अहम मुद्दा बनकर उभरा है. इसके अलावा बहस में महामारी की वैक्सीन, अमेरिकन इकनॉमी और टैक्स, जलवायु परिवर्तन, चीन जैसे तमाम मुद्दों पर भी जमकर चर्चा हुई.

कोरोनावायरस दुनिया भर की सरकारों के लिए लिटमस टेस्ट बन बना चुका है, चुनावी प्रचार में ट्रम्प के लिए कोरोनावायरस को कम आंकना घातक हो सकता है. क्या इस मुद्दे पर कमला, पेन्स को अच्छे से घेर पाईं? जानिये पॉडकास्ट में.

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