तीन तलाक पर रोक क्यों जरूरी थी? 5 कहानियां

तीन तलाक पर रोक क्यों जरूरी थी? 5 कहानियां

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संसद ने तीन तलाक बिल को पास कर दिया है. अब मुस्लिम महिलाओं को एक झटके में तीन तलाक का जुल्म नहीं सहना पड़ेगा. सरकार ने इसे ऐतिहासिक और सदियों की कुप्रथा का खात्मा बताया है. इसे मुस्लिम महिलाओं के लिए बड़ी जीत इसलिए कहा जा रहा है कि क्योंकि वाकई तीन तलाक के कई ऐसे उदाहरण हैं जो सोचने पर मजबूर कर देते हैं. देखिए तीन तलाक की पीड़ित एक महिला का क्या कहना है - 'इसका इससे कुछ लेना-देना नहीं है कि ये शिक्षित समाज में नहीं होता है. ये मर्द की सोच है, जब वो अपनी पत्नि से ऊब जाता है और उसे बदलाव चाहिए होता है, तो वो ट्रिपल तलाक का इस्तेमाल करता है.' ऐसी कई महिलाओं से क्विंट ने बात की थी. आप भी देखिए 22 अक्टूबर, 2017 को रिकॉर्ड किया गया ये वीडियो.

तीन तलाक बिल की खास बातें

  1. एक बार में तीन तलाक गैरकानूनी और अवैध होगा
  2. ऐसा करने वाले पति को होगी तीन साल के कारावास की सजा
  3. तीन तलाक देना गैरजमानती और संज्ञेय अपराध होगा
  4. पीड़िता को मिलेगा गुजारा भत्ता का अधिकार
  5. मजिस्ट्रेट करेंगे इस मुद्दे पर अंतिम फैसला
  6. जम्मू-कश्मीर को छोड़ कर पूरे देश में लागू होना है
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तीन तलाक बिल के पास होने पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया

पूरे देश के लिए आज एक ऐतिहासिक दिन है. आज करोड़ों मुस्लिम माताओं-बहनों की जीत हुई है और उन्हें सम्मान से जीने का हक मिला है. सदियों से तीन तलाक की कुप्रथा से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को आज न्याय मिला है. इस ऐतिहासिक मौके पर मैं सभी सांसदों का आभार व्यक्त करता हूं. तीन तलाक बिल का पास होना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है. तुष्टिकरण के नाम पर देश की करोड़ों माताओं-बहनों को उनके अधिकार से वंचित रखने का पाप किया गया. मुझे इस बात का गर्व है कि मुस्लिम महिलाओं को उनका हक देने का गौरव हमारी सरकार को प्राप्त हुआ है.
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

गृहमंत्री अमित शाह ने भी बिल के पास होने को ऐतिहासिक बताते हुए पीएम मोदी को अपना वादा निभाने के लिए बधाई दी.

ये भी पढ़ें : 3 तलाक की कुप्रथा से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को आज न्याय मिला- मोदी

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