Sacred games 2: नेटफ्लिक्स, अमेजन पर कुछ नहीं देखते पंकज त्रिपाठी

Sacred games 2: नेटफ्लिक्स, अमेजन पर कुछ नहीं देखते पंकज त्रिपाठी

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वीडियो एडिटर: आशीष मैकक्यून

नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज सेक्रेड गेम्स के पहले सीजन में एक छोटी सी मौजूदगी दर्ज कराने के बाद, पंकज त्रिपाठी सीजन 2 में 'गुरूजी' के किरदार में एक बार फिर दिखाई देंगे. लेकिन इस बार 'गुरूजी' को दर्शक कहानी में  ज्यादा वक्त तक देख पाएंगे. पंकज ने क्विंट से हुई खास बातचीत में अपने इस किरदार के बारे में बताया. साथ ही उन्होंने बताया कि वो OTT प्लेटफॉर्म पर क्यों कुछ नहीं देखते, और सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल क्यों नहीं करते.

सेक्रेड गेम्स में ‘गुरूजी’ का किरदार बहुत ही बुरे आदमी का है. पता नहीं चलता लेकिन लगता है कि वो बहुत बुरा है...

दरअसल आप तीन एपिसोड में यह नहीं तय कर पाते. वो बुरा नहीं भी हो सकता है आगे चलके. यही तो बेहतरीन स्क्रिप्ट की खासियत होती है कि किसी किरदार को आप ब्लैक एंड व्हाइट नहीं देख सकते.

पहले सीजन में आपने शो के लिए केवल एक दिन शूटिंग की थी. क्योंकि इसमें किरदार बहुत छोटा था. तो क्या आपको पता था कि दूसरे सीजन में इस किरदार का विस्तार होने जा रहा है?

हां, बिलकुल पता था. वरुण ग्रोवर ने मुझे आगे की कहानी सुनाई थी और कहा था कि हम इस किरदार को डेवलप करेंगे. सीजन 1 को लेकर दर्शकों के मन में बहुत सारे सवाल हैं, जिनका जवाब सीजन 2 में दिया जाएगा.

मैंने आपका एक इंटरव्यू पढ़ा है, जहां आपने कहा था कि आप वाकई नेटफ्लिक्स या अमेजन पर शो नहीं देखते हैं. तो फिर आप आम तौर पर क्या देखते हैं?

पिछले दो सालों से मैंने कुछ नहीं देखा है, क्योंकि मेरे पास मुश्किल से समय होता था. पिछले दो साल से मैं साल के 365 दिन में से 350 दिन शूटिंग कर रहा हूं, इसलिए मेरे पास समय कम है.

लेकिन क्या आपको लगता है कि अब आपको अच्छी क्वालिटी वाले काम मिल रहे हैं, आप अपने काम की मात्रा कम कर देंगे और काम को लेकर ज्यादा चुनिंदा हो जाएंगे? क्योंकि अगर आप इतना काम कर रहे हैं तो क्या आपको हर चीज चैलेंजिंग लग रही है?

नहीं, मैं इस बारे में भी सोच रहा था, कि मैं ऐसा क्यों कर रहा हूं? आपका जो सवाल है, वो एक महीने पहले मेरे मन में भी आया था. तो फिर मैंने सोचा कि जो चौदह-पंद्रह साल तक काम पाने के लिए मैंने स्ट्रगल किया, जो भागदौड़ की, अब लगता है कि जो काम आ रहा है उसे कैसे मना कर दूं. अगर आपके गाँव या शहर में सूखा पड़ा हो, और अचानक बाढ़ आ जाए, तो पहले हफ्ते अच्छा ही लगता है कि पानी आया तो सही, भले ही थोड़ा ज्यादा है. लेकिन नुकसान बाढ़ भी करता है, जितना सूखा करता है. तो मैं अब जागरूक हो रहा हूं कि अब थोड़ा रुककर काम करना चाहिए.

ये भी देखें - इंटरव्यू: आमिर ने सैफ को क्यों किया ‘सेक्रेड गेम्स’ के लिए फोन?

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