‘फेसबुक पर सच लिखना पड़ गया महंगा’, जाकिर अली त्यागी का छलका दर्द

‘फेसबुक पर सच लिखना पड़ गया महंगा’, जाकिर अली त्यागी का छलका दर्द

वीडियो

जाकिर अली त्यागी नाम के युवक को फेसबुक पोस्ट में गंगा को ‘जीवित इकाई’ का दर्जा देने का मजाक बनाने, राम मंदिर बनाने के बीजेपी के वादे पर वाद-विवाद करना भारी पड़ गया था. उसे इसके लिए 42 दिन जेल में बिताने पड़े. पुसिल ने जाकीर को पहले धारा 66A के तहत किया था गिरफ्तार था, लेकिन फिर धारा 'A' हटाकर 420 जोड़ दी.

त्यागी अब जमानत पर रिहा है, लेकिन वो अभी भी कानूनी लड़ाई लड़ रहा है. द क्विंट ने जाकिर से मुलाकात की और पूरे मामले का जायजा लिया. देखें वीडियो.

(My रिपोर्ट डिबेट में हिस्सा लिजिए और जीतिए 10,000 रुपये. इस बार का हमारा सवाल है -भारत और पाकिस्तान के रिश्ते कैसे सुधरेंगे: जादू की झप्पी या सर्जिकल स्ट्राइक? अपना लेख सबमिट करने के लिए यहां क्लिक करें)


Follow our वीडियो section for more stories.

वीडियो

    वीडियो