केयर्न एनर्जी नाम की कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय अदालत में सरकार के साथ टैक्स विवाद का केस जीत लिया है. इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल ने फैसला दिया है कि भारत सरकार का कंपनी पर 120 करोड़ डॉलर के टैक्स का दावा सही नहीं है.
इस मामले से जुड़े लोगों ने नाम जाहिर न करने की शर्त पर ये बात इंडियन एक्सप्रेस को बताई है. ट्रिब्यूनल ने भारत सरकार को कहा है कि वो ब्याज सहित सारे फंड स्कॉटिश ऑयल एक्सप्लोरेशन का काम करने वाली कंपनी केयर्न एनर्जी को वापस करे. अब भारत सरकार चाहे तो वो इस मामले में अपील कर सकती है.
टैक्स विभाग के प्रवक्ता ने इन सवालों का जवाब देने से इनकार किया है. इंडियन एक्सप्रेस ने उन्हें कॉल करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.
भारत सरकार को दूसरी बार झटका
केयर्न एनर्जी की जीत से भारत को अन्तरराष्ट्रीय अदालत में ये दूसरी बार हार का सामना करना पड़ा है. इसके पहले सितंबर महीने में वोडाफोन इंडिया ने सालों से लंबित टैक्स केस को जीत लिया था, ये केस भारत सरकार द्वारा 300 करोड़ डॉलर के विवादित टैक्स की मांग को लेकर किया गया था. भारत सरकार ने अपने साल 2012 के बजट में टैक्स कानूनों में बैकडेट में जाकर बदलाव कर दिया था. इससे कंपनी पर टैक्स की लाइबिलिटी अचानक बढ़ गई थी और वोडाफोन ने इंटरनेशन कोर्ट जाने का फैसला किया था, जहां कंपनी को जीत भी मिली थी.
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