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Skincare: त्वचा पर धूम्रपान के होते हैं हानिकारक प्रभाव

जानिए धूम्रपान से आपकी त्वचा को होने वाले नुकसान के बारे में.

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हम सालों से सुनते आ रहे हैं कि धूम्रपान हमारे स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है. धूम्रपान करते समय निकोटीन, कार्बन मोनोऑक्साइड, टार और एसीटोन जैसे पदार्थ हमारे शरीर के अंदर जाते हैं और नुकसान करते हैं.

फोर्ब्स के अनुसार, पिछले कुछ सालों में धूम्रपान करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि आई है और कुछ लोग जिन्होंने इसे छोड़ दिया था, स्ट्रेस, चिंता और डिप्रेशन के कारण फिर से धूम्रपान शुरू कर दिया है.

धूम्रपान न केवल फेफड़े और श्वसन प्रणाली बल्कि पूरे शरीर को प्रभावित करता है, जिसके परिणामस्वरूप स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं और दीर्घकालिक समस्याएं होती हैं. धूम्रपान से त्वचा भी प्रभावित होती है और यदि आपकी त्वचा नियमित देखभाल के बावजूद भी थका हुआ, सुस्त या पिगमेंटेड लगे, तो धूम्रपान इसका कारण हो सकता है.

आइए एक नजर डालते हैं, धूम्रपान के प्रभावों और इससे त्वचा को होने वाले नुकसान पर.

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धूम्रपान के कारण लोग उम्र से ज्यादा बूढ़े लगते हैं

मेयो क्लिनिक के डॉक्टरों के अनुसार, धूम्रपान से त्वचा, महीन रेखाओं और झुर्रियों के कारण, वास्तविक उम्र से ज्यादा बूढ़ी लगने लगती है. इससे क्रो फीट और आंखों के नीचे, भौंहों के बीच और मुंह के चारों ओर रेखाएं आ जाती हैं. इसके कारण होंठ भी पतले दिखने लगते हैं.

निकोटीन रक्त वाहिकाओं के सिकुड़ने का कारण बनता है, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है. धुआं त्वचा की ऊपरी परत पर सूखापन और नुकसान का कारण बनता है. आप जितना अधिक समय तक धूम्रपान करते रहेंगे, आपकी त्वचा पर उतना अधिक नुकसान होगा और आप बूढ़े दिखेंगे.

धूम्रपान और त्वचा कैंसर

कैंसर अनुसंधान यूके के अनुसार, धूम्रपान से होने वाले नुकसान को धीमा करने या रोकने के लिए हम कुछ नहीं कर सकते. आदत को छोड़ना ही एकमात्र उपाय है. धूम्रपान 15 प्रकार के कैंसर के लिए जिम्मेदार है और त्वचा का कैंसर उनमें से एक है.

अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, धूम्रपान से स्क्वैमस सेल त्वचा कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, ज्यादातर होठों के आसपास, जो त्वचा कैंसर के सबसे आम प्रकारों में से एक है.

धूम्रपान और पिग्मन्टेशन

यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (US Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार, धूम्रपान के कारण त्वचा पिगमेंटेड दिख सकती है और आपकी त्वचा का रंग बदल सकता है, जिसके परिणामस्वरूप कई बार त्वचा का टोन अन-ईवन (tone uneven) हो सकता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि धूम्रपान त्वचा में रक्त के प्रवाह को रोकता है, जिसके कारण आवश्यक पोषक तत्व और ऑक्सीजन सही मात्रा में त्वचा तक नहीं पहुंच पाते हैं.

इससे फ्री रैडिकल (free radical) और प्रदूषक त्वचा को आसानी से नुकसान पहुंचा पाते हैं. इससे एक एंजाइम MMP-1 के निर्माण को भी बढ़ावा मिलता है, जो कोलेजन को नष्ट करता है और त्वचा का लचीलापन कम करता है.

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सोरायसिस का अधिक जोखिम

सोरायसिस फाउंडेशन के अनुसार, अगर परिवार के किसी सदस्य को कभी सोरायसिस है, तो आपको धूम्रपान छोड़ देना चाहिए क्योंकि इससे आपको भी सोरायसिस हो जाने का खतरा बढ़ जाता है. यदि आपको सोरायसिस है, तो आपकी धूम्रपान से स्थिति और भी खराब हो जाएगी और डर्मटोलोजिस्ट के लिए इसका इलाज करना और मुश्किल हो जाएगा.

आपको यह भी पता होना चाहिए कि यदि आपके आस पास भी लोग धूम्रपान करते हैं, तो आगे चल कर आपको सोरायसिस या सोरायसिस आर्थराइटिस होने का खतरे बढ़ा सकता है.

धूम्रपान और घाव भरना

आपको यह तो पता है कि धूम्रपान फेफड़ों, हृदय और त्वचा को प्रभावित करता है. लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह सर्जरी के बाद घाव भरने और ठीक होने की प्रक्रिया में भी देरी करता है.

एसोसिएशन फॉर एडवांसमेंट ऑफ वून्ड केयर (Association for Advancement of Wound Care) के अनुसार, सिगरेट में मौजूद निकोटीन आर्टरी को संकुचित कर देता है और घाव में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों के प्रवाह को कम कर देता है, जिसके कारण उसे ठीक होने में अधिक समय लगता है. धूम्रपान इम्यून सिस्टम को भी कमजोर करता है, जिसके कारण शरीर संक्रमण से लड़ने में सक्षम नहीं होता है और इसके परिणामस्वरूप घाव जल्दी ठीक नहीं होते है.

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