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Queer Affirmative Therapy: मानसिक स्वास्थ्य इलाज में भी जरूरी है क्वीर की समझ

मेंटल हेल्थ प्रैक्टिशनर LGBTQA+ कम्युनिटी के लोगों को सुरक्षित मेंटल हेल्थ सपोर्ट मुहैया कराने में मदद कर सकते हैं.

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प्राइड महीना भले ही खत्म हो गया है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हम अपने झंडों को अगले साल जून तक एक तरफ रख दें- LGBTQIA+ (लेस्बियन, गे, बाईसेक्लुअल, ट्रांसजेंडर, क्वीर, इंटरसेक्स, असेक्सुअल और ऐसे ही लोग ) के अधिकारों, आजादी और क्वीर कम्युनिटी के मुद्दों को लेकर लंबी लड़ाई पूरे साल चलती है.

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“LGBTQIA+ समुदाय को अपने जेंडर और सेक्सुअलिटी के चलते हमारे समाज में पूरे साल बहुत ज्यादा पूर्वाग्रह और विरोध का सामना करना पड़ता है.”
डॉ. श्रुति चक्रवर्ती, मेंटल हेल्थ प्रेक्टिशनर ने क्विंट फिट से कहा

उदाहरण के लिए बेहूदा बयानबाजी से भरा क्वीर-फोबिया मेंटल हेल्थ प्रेक्टिस और संस्थानों सहित हेल्थ सिस्टम में फैला हुआ है और यह अक्सर बहुत ज्यादा नुकसान करता है.

मुंबई में मारीवाला हेल्थ इनिशिएटिव (MHI) जैसे संगठन, जिनके साथ डॉ. चक्रवर्ती काम करती हैं, सालों से इस भेदभाव को कम करने के लिए काम कर रहे हैं.

MHI ने 30 जून को भारत में मेंटल हेल्थ प्रेक्टिशनर्स के लिए रिसोर्स बुक 'द क्वीरअफर्मेटिव काउंसलिंग प्रेक्टिस (The Queer Affirmative Counselling Practice QACP)' लॉन्च की— यह अपनी तरह की पहली किताब है, जो मौजूदा व्यवस्था और ‘क्यूअरिंग' मेंटल हेल्थ पर सवाल उठाती है.

मारीवाला हेल्थ इनिशिएटिव के फाउंडर हर्ष मारीवाला ने फिट को बताया, “महामारी के दौरान जब मेंटल हेल्थ सचमुच बहुत महत्वपूर्ण हो गई थी, तब तनाव और बढ़ गया.”

तो मेंटल हेल्थ प्रेक्टिशनर, LGBTQA+ कम्युनिटी के लोगों को सुरक्षित, सकारात्मक मेंटल हेल्थ सपोर्ट हासिल करने में कैसे मदद कर सकते हैं?

फिट हिंदी यहां समझा रहा है,

मेंटल हेल्थ ट्रीटमेंट में क्वीर नजरिए की क्यों जरूरत है?

डॉ. चक्रवर्ती कहती हैं, इसका जवाब आसान है, यह ‘सामाजिक असमानता’ का मुद्दा है.

“मेंटल हेल्थ प्रेक्टिशनर (MHP) को यह समझने की जरूरत है कि LGBTQ लोग भारी तनाव से गुजरते हैं. इसकी वजह यह नहीं कि वह प्राकृतिक रूप से कुछ अलग हैं, बल्कि वजह है समाज की नकारात्मक प्रतिक्रिया.”
डॉ. श्रुति चक्रवर्ती, मेंटल हेल्थ प्रेक्टिशनर ने क्विंट फिट से कहा

वह आगे कहती हैं, “आप जानते हैं, मौजूदा दुनिया उन लोगों के हिसाब से बनाई गई है, जो हेट्रोसेक्सुअल हैं और जेंडर नियमों के हिसाब से चलते हैं. लेकिन बहुत से लोग ऐसे नहीं होते हैं और वे बहुत ज्यादा दुश्मनी, पूर्वाग्रह, नफरत अलगाव, अकेलापन, लाचारी का सामना करते हैं.”

डॉ. चक्रवर्ती के अनुसार, यही सबसे खास फर्क है.

समस्या यह नहीं कि कोई लेस्बियन या गे है, समस्या यह है कि समाज उनके साथ इस तरह से बर्ताव करता है, जिससे खुद को स्वीकार कर पाना मुश्किल हो जाता है और यह मेंटल हेल्थ की समस्याओं को जन्म दे सकता है.

हर्ष मारीवाला कहते हैं, “मेरा मानना है कि समाज के इस हिस्से में समाज में स्वीकार किए जाने के लिए बहुत तनाव है, और जरूरी है कि समाज हर वर्ग को साथ लेकर चले.”

वे कहते हैं, “बहुत अकेलापन है.”

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हमारे मेंटल हेल्थ सिस्टम में भेदभाव बहुत गहरा है

डॉ. चक्रवर्ती कहती हैं, “चूंकि हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं, जहां हेट्रोसेक्सुअलिटी(विपरीत जेंडर से सेक्स) तय नियम है, सबसे पहली बात यह कि मेंटल हेल्थ प्रेक्टिशनर समझने में गलती कर सकते हैं कि हो सकता है कि उनके क्लाइंट हेट्रोसेक्सुअल न हों.”

“तो थेरेपी में जब आप अपने क्लाइंट पर ध्यान देते हैं और देखते हैं कि वे कौन हैं, तो आप उनकी जिंदगी के कुछ बहुत ही खास पहलुओं को समझने में चूककर सकते हैं क्योंकि आपने खुद को यह पहचानने के लिए प्रशिक्षित नहीं किया है कि कई तरह की सेक्सुअलिटी होती हैं और जीने के कई तरीके हो सकते हैं.”
डॉ. श्रुति चक्रवर्ती, मेंटल हेल्थ प्रेक्टिशनर ने क्विंट फिट से कहा

उनका यह भी कहना है कि ज्यादा खतरनाक नतीजा तब होता है जब मेंटल हेल्थ प्रेक्टिशनर अपने पूर्वाग्रहों के अधीन होते हैं और यह मानकर चलते हैं कि किसी की सेक्सुअलिटी को बदला जा सकता है, और समझते हैं कि यह ऐसी चीज है, जिसे ठीक किया जा सकता है.

गलती का सुधार

अगर मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल क्वीर कम्युनिटी में मेंटल हेल्थ की समस्या के भारी बोझ को हलका करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें पहले सीखा हुआ भूलने से शुरुआत करनी होगी.

चक्रवर्ती कहती हैं, “मेंटल हेल्थ करिकुलम में अभी तक जरूरी बातें शामिल नहीं की गई हैं या यह सही नुमाइंदगी नहीं करता है कि अलग तरह से देखी जाने वाली कम्युनिटी के साथ कैसे पेश आया जाए.”

मारीवाला हेल्थ इनिशिएटिव पिछले 3 तीन सालों से मेंटल हेल्थ करिकुलम में फैले कलंक से निपटने और प्रेक्टिशनर को LGBTQ+ कम्युनिटी के लोगों को असरदार मेंटल हेल्थ मदद मुहैया कराने के वास्ते बेहतर तरीके से प्रशिक्षित करने के लिए एक क्वीर सकारात्मक काउंसलिंग प्रेक्टिस कोर्स चला रहा है.

वह कहती हैं, “हमने अब एक किताब के जरिये इस तक पहुंच और ज्यादा आसान बनाने का फैसला लिया है.”

“यह किताब मेंटल हेल्थ प्रेक्टिशनर्स के लिए बहुत जरूरी जरिया है ताकि वे सीख सकें कि कम्युनिटी के संघर्षों और समस्याओं से कैसे जुड़ना है, और कैसे सटीक प्रतिक्रिया देने के लिए खुद को जानकारी और कौशल से लैस करना है.”
हर्ष मारीवाला, मारीवाला हेल्थ इनिशिएटिव के फाउंडर

वह कहते हैं, “न केवल पॉलिसी के मामले में, बल्कि यह भी कि व्यक्तियों के साथ रोजमर्रा की जिंदगी में कैसा बर्ताव किया जाता है.”

वह कहते हैं, किताब बुनियादी रूप से मेंटल हेल्थ प्रेक्टिशनर, काउंसलर, साइकोलॉजिस्ट, मेडिकल और साइकियाट्रिक सोशल वर्कर के लिए लिखी गई है.

डॉ. चक्रवर्ती किताब की खास बातों का जिक्र करती हैं,

  • LGBTQ कम्युनिटी पर असमानता किस तरह असर डालती है, इसकी समझ पैदा करना. जानकारी— कम्युनिटी को प्रभावित करने वाली बुनियादी चिंताएं क्या हैं.

  • परख, विशेषज्ञता, नियम-कायदे कि कैसे सकारात्मक काउंसलिंग दी जाए जिससे कम्युनिटी की मदद हो सके.

“सभी प्रमुख लोगों को यह पक्का करने के लिए ज्यादा कोशिश करनी होगी कि ऐसे व्यक्तियों को भी साथ जोड़ा जाए. संस्थाओं का विविधता का एजेंडा ज्यादा बड़ा और सबको साथ लेने वाला होना चाहिए.”
हर्ष मारीवाला, मारीवाला हेल्थ इनिशिएटिव के फाउंडर
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क्वीर हितैषी बनाम क्वीर सकारात्मक

‘क्वीर सकारात्मक (queer affirmative)’ असल में क्या है, और सिर्फ क्वीर हितैषी (queer friendly) होना क्यों काफी नहीं है?

डॉ. चक्रवर्ती कहती हैं, "क्वीर फ्रेंडली सिर्फ 'मैं आपकी मौजूदगी से सहज हूं’ हो सकता है, लेकिन क्वीर अफर्मेटिव में ‘मैं आपकी मौजूदगी से सहज हूं, और मैं आपको अपना हिस्सा बनाने और समाज को ज्यादा समान बनाने के लिए और ज्यादा करना चाहता हूं.”

वह कहती हैं, वह और ज्यादा करना ही क्वीर अफर्मेटिव होना है.

“क्वीर सकारात्मक का मतलब है कि आप LGBTQ+ की जिंदगी से सीखने के मामले में ज्यादा काम करते हैं क्योंकि हमारे पास जो करिकुलम है वह उन बातों को पूरी तरह शामिल नहीं करता है, जिनका सामना इस कम्युनिटी को करना पड़ता है.”
डॉ. श्रुति चक्रवर्ती, मेंटल हेल्थ प्रेक्टिशनर ने क्विंट फिट से कहा

वह आगे कहती हैं, “क्वीर सकारात्मक का मतलब यह ध्यान रखना भी है कि इस क्षेत्र ने इस कम्युनिटी को लंबे समय से नुकसान पहुंचाया और इसे असामान्य करार दिया है, इसलिए इसके लिए किसी प्रकार की नैतिक जिम्मेदारी भी लेना.”

“बदकिस्मती से मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल ने भी ऐसी सलाहें दी हैं, हेट्रोसेक्सुअल शादी कर लें और आप ठीक हो जाएंगे. यह समझ की कमी या सकारात्मक समझ नहीं होने की वजह से है.”
हर्ष मारीवाला, मारीवाला हेल्थ इनिशिएटिव के फाउंडर

निश्चित रूप से, क्वीर सकारात्मक थेरेपी न केवल क्वीर क्लाइंट्स के लिए एक महफूज जगह पक्की करती है, बल्कि सक्रिय रूप से उनका साथ देती है और उन्हें उन एकदम अलग किस्म के तनावों का सामना करने में मदद करती है, जो वे केवल इसलिए अनुभव करते हैं क्योंकि वे क्वीर हैं.

इस रिसोर्स बुक का मकसद मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल को ऐसा करने के लिए हर तरह की जानकारी से लैस करना है.

हर्ष मारीवाला कहते हैं, “हमारा काम उन्हें आगे बढ़ने में मदद करना, सबसे अच्छे तौर-तरीकों को साझा करना और उन्हें फंडिंग, ट्रेनिंग, बेहतरीन तौर-तरीकों को साझा करना या किसी भी किस्म की मदद देना है.”

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