CBI के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना का तबादला, हुए बड़े फेरबदल
राकेश अस्थाना  गुजरात कैडर के IPS अधिकारी हैं
राकेश अस्थाना गुजरात कैडर के IPS अधिकारी हैं(फोटो: द क्विंट)
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CBI के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना का तबादला, हुए बड़े फेरबदल

सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा के ट्रांसफर के बाद अब स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना का भी तबादला कर दिया गया है. उनके अलावा सीबीआई के 4 बड़े अफसरों का भी कार्यकाल कम कर तबादला कर दिया गया है. इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी, जस्टिस सीकरी और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच हुई बैठक के बाद आलोक वर्मा को सीबीआई डायरेक्टर के पद से हटाकर फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट का डीजी बना दिया गया था. इसके बाद उन्हें खुद अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा.

ये भी पढ़ें: CBI डायरेक्टर आलोक वर्मा हटाए गए, 24 घंटे पहले ही संभाला था काम

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CBI में बड़ा फेरबदल

  • सीबीआई में आने वाले आईपीएस अधिकारियों का कार्यकाल कम करने के प्रस्ताव को मंजूरी
  • कैबिनेट की अपॉइंटमेंट कमिटी ने दी प्रस्ताव को मंजूरी
  • डीआइजी सीबीआई मनीष कुमार सिन्हा, जॉइंट डायरेक्टर सीबीआई अरुण कुमार सिन्हा और एसपी सीबीआई जयंत जे नायकनावरे का भी तबादला

माकपा ने की मोदी सरकार की निंदा

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सीबीआई के निदेशक पद से आलोक वर्मा को हटाने के मोदी सरकार के फैसले की निंदा करते हुये इसे सीबीआई का दूसरा तख्तापलट करार दिया है. पार्टी ने 48 घंटे के भीतर वर्मा को पद से हटाने के मोदी सरकार के फैसले की निंदा की है.

CBI विवाद पर कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस

कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंधवी ने कहा:

  • सीबीआई निदेशक के खिलाफ सीवीसी रिपोर्ट में 10 में से 6 आरोप निराधार माने गए हैं
  • बाकी अन्य 4 आरोप भविष्य की जांच के लिए छोड़ दिए गए हैं
  • सरकार द्वारा सीवीसी के कार्यालय का दुरुपयोग किया गया है
  • सीबीआई निदेशक को हटाने का पूरा आधार सीवीसी की रिपोर्ट थी, जबकि सीवीसी न तो नियुक्त करती है और न ही हटा सकती है
  • दूसरी संस्थाओं की आड़ ले कर लुका-छिपी खेलना इस सरकार के लिये सही नहीं है और वो बेनकाब हो रही है
  • ये पूरा कारनामा सरकार ने अपने आप को राफेल या अन्य आरोपों से बचाने के लिये अंजाम दिया है

सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर आलोक वर्मा ने दिया इस्तीफा

CBI के पूर्व डायरेक्टर आलोक वर्मा ने सेवा से इस्तीफा दे दिया है. वर्मा ने ये फैसला उन्हें सीबीआई से हटाकर फायर सर्विस भेजे जाने के बाद लिया. आलोक वर्मा को सीबीआई से हटाकर फायर सर्विस का डीजी बनाया गया था. हालांकि, आलोक वर्मा ने पद संभालने से इनकार कर दिया था.

  • आलोक वर्मा 1979 बैच के AGMUT काडर के IPS अफसर हैं
  • सीबीआई डायरेक्टर का पद संभालने से पहले वह दिल्ली के पुलिस कमिश्नर रह चुके हैं
  • सेलेक्ट कमेटी की सिफारिश के बाद आलोक वर्मा को सीबीआई से हटाकर फायर सर्विस का डीजी बनाया गया था
  • फायर सर्विस डीजी का पद संभालने से इनकार करने के बाद आलोक वर्मा ने सेवा से इस्तीफा दे दिया

सीबीआई विवाद | नागेश्वर राव ने आलोक वर्मा के फैसलों को पलटा

सीबीआई के अंतरिम डायरेक्टर नागेश्वर राव ने आलोक वर्मा के अफसरों के ट्रांसफर रद्द करने के फैसले को पलट दिया है. सूत्रों के मुताबिक, नागेश्वर राव ने आलोक वर्मा के 9 और 10 जनवरी को लिए गए सभी फैसलों को रद्द कर दिया है.

राहुल गांधी बोले, मोदी जी के दिमाग में डर

आलोक वर्मा को सीबीआई डायरेक्टर पद से हटाए जाने पर राहुल गांधी ने भी रिएक्शन दिया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘मोदी जी के दिमाग में डर घर कर चुका है. वो अब सो भी नहीं सकते हैं. उन्होंने इंडियन एयरफोर्स के 30 हजार करोड़ रुपये अनिल अंबानी को दे दिए. सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को लगातार दो बार बर्खास्त करने से साफ है कि वह अब अपने ही झूठ में फंस चुके हैं ,सत्यमेव जयते’.

पायलट बोले, कुछ तो गड़बड़ है

कांग्रेस नेता और राजस्थान के डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने आलोक वर्मा को हटाए जाने पर कहा कि इस मामले में कुछ तो गड़बड़ है, जिसकी जांच होनी जरूरी है. कांग्रेस पहले ही इस पर सवाल उठा चुकी है. इस पूरे मामले में कुछ तो रहस्य है.

राफेल की जांच रोकने के लिए वर्मा को हटाया

कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने आलोक वर्मा मामले में कहा कि राफेल मामले में हुए घोटाले की जांच रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है. मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार के इस फैसले में मौजूद लूपहोल को सामने लाने का काम किया है. जिसमें संवैधानिक नियमों का पालन नहीं किया गया.

KEY EVENT

सेलेक्ट कमिटी ने न्याय नहीं किया

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने आलोक वर्मा को हटाए जाने पर बीजेपी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि पीएम को किस बात की घबराहट है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पीएम ने वर्मा को उनके पद पर रहने नहीं दिया. उन्होंने कहा कि सीवीसी पीएमओ के इशारे पर काम कर रही है.

आलोक वर्मा के तबादले पर कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस

नागेश्वर राव संभालेंगे चार्ज

सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा को हटाए जाने के बाद अब फिर से नागेश्वर राव सीबीआई के डायरेक्टर के तौर पर काम करेंगे. राव तब तक सीबीआई का जिम्मा संभालेंगे जब तक नए डायरेक्टर की नियुक्ति नहीं हो जाती है.

आलोक वर्मा के खिलाफ जांच की जरूरत: जस्टिस सीकरी

सेलेक्ट कमिटी में मौजूद जस्टिस सीकरी ने कहा है कि आलोक वर्मा के खिलाफ जांच की जरूरत है. उन्होंने वर्मा पर लगे आरोपों का जिक्र करते हुए ये कहा.

जांच से डरे पीएम मोदी

कांग्रेस पार्टी ने ट्वीट करते हुए कहा कि आलोक वर्मा को बिना मौका दिए उन्हें हटाए जाने का फैसला पीएम मोदी ने जांच के डर से लिया. वह जांच से बेहद डरे हुए हैं.

हटाए गए सीबीआई चीफ

आलोक वर्मा को पद से हटा दिया गया है, फिलहाल उन्हें फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट के डीजी पद की जिम्मेदारी दी गई है. सिलेक्ट कमेटी में शामिल कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस ट्रांसफर पर सवाल उठाए हैं, उन्होंने कहा कि सेलेक्ट कमिटी की मीटिंग से पहले ही ट्रांसफर का फैसला ले लिया गया था. इंडिया टुडे के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई से बातचीत कर उन्होंने ये बात कही.

'कानून को बरकरार रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट को बधाई'

आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का फैसला रद्द करने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट को बधाई दी है. उन्होंने कहा, ‘राफेल की सच्चाई मिस्टर मोदी को बरबाद कर देगी. ये बस तब की बात है जब तक तीस हजार करोड़ रुपये की चोरी में उनका रोल लोगों के सामने नहीं आ जाता. कानून को बरकरार बनाए रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट को बधाई.’

सीबीआई के टॉप-2 अधिकारियों का कथित रूर से एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप-प्रत्यारोप लगाने के बाद केंद्र सरकार ने 23 अक्टूबर को आलोक वर्मा और राकेश अस्थाई को छुट्टी पर भेज दिया था.

देखें, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या बोले वित्तमंत्री अरुण जेटली

देखें, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या बोले प्रशांत भूषण

CBI विवाद: अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

  • सीबीआई विवाद में केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका
  • आलोक वर्मा सीबीआई डायरेक्टर के पद पर बहाल
  • बड़े नीतिगत फैसले नहीं ले पाएंगे आलोक वर्मा
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आलोक वर्मा को हटाने का मामला सरकार को भारत के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता वाली सिलेक्ट कमेटी के पास भेजना चाहिए था
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि DSPE एक्ट के तहत हाई पावर कमेटी आलोक वर्मा के केस में कार्रवाई को लेकर एक हफ्ते के अंदर फैसला करे

सीबीआई विवाद | केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने का फैसला रद्द

सीबीआई विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने के सरकार के फैसले को रद्द कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, आलोक वर्मा सीबीआई के डायरेक्टर बने रहेंगे. हालांकि, वह पॉलिसी से जुड़े बड़े फैसले नहीं ले सकेंगे.

CBI विवाद: CJI छुट्टी पर, जस्टिस जोसेफ, जस्टिस कौल सुनाएंगे फैसला

सीबीआई विवाद का फैसला अब से थोड़ी ही दे में आ जाएगा. हालांकि, सीजेआई रंजन गोगोई आज छुट्टी पर हैं. इसलिए इस मामले में फैसला जस्टिस संजय किशन कौल कोर्ट नंबर 12 में सुनाएंगे.

केंद्र सरकार ने आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजने के पीछे दिया था ये तर्क

केंद्र सरकार ने कोर्ट के सामने आलोक वर्मा को उनकी जिम्मेदारियों से हटाकर छुट्टी पर भेजने के अपने फैसले को सही ठहराया था. केंद्र सरकार ने कहा था कि उनके और अस्थाना के बीच टकराव की स्थिति है, जिस वजह से देश की शीर्ष जांच एजेंसी जनता की नजरों में हंसी का पात्र बन रही है.

अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने बेंच से कहा था कि केंद्र के पास हस्तक्षेप करने तथा दोनों अधिकारियों से शक्तियां लेकर उन्हें छुट्टी पर भेजने का अधिकार है.

कॉमन कॉज NGO ने की थी SIT से अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की मांग

इस मामले में बेंच ने ‘कॉमन कॉज' नाम की एक एनजीओ की याचिका पर भी सुनवाई की थी. इस एनजीओ ने कोर्ट की निगरानी में विशेष जांच दल से राकेश अस्थाना सहित जांच ब्यूरो के तमाम अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराने का अनुरोध किया था.

आलोक वर्मा का सीबीआई निदेशक के रूप में दो साल का कार्यकाल 31 जनवरी को पूरा हो रहा है. उन्होंने केंद्र के फैसले को चुनौती देने हुए शीर्ष अदालत का रुख किया था.

आलोक वर्मा ने की CVC के आदेशों को निरस्त करने की मांग

सीबीआई के दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. इस संबंध में आलोक वर्मा ने सीवीसी के कुल तीन आदेशों को निरस्त करने की मांग की है. उनका आरोप है कि ये आदेश अधिकार क्षेत्र के बिना तथा संविधान के अनुच्छेदों 14, 19 और 21 का उल्लंघन करके जारी किए गए.

केन्द्र सरकार ने दोनों अधिकारियों को छुट्टी पर भेजने के बाद 1986 बैच के ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी एवं ब्यूरो के संयुक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को जांच एजेंसी के निदेशक का अस्थाई कार्यभार सौंप दिया था.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के एम जोसेफ की बेंच ने बीते साल 6 दिसंबर को आलोक वर्मा की याचिका पर वर्मा, केन्द्र, केन्द्रीय सतर्कता आयोग और अन्य की दलीलों पर सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुरक्षित रखा लिया था.

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