ADVERTISEMENTREMOVE AD

"...तो बच जाते बच्चे": दिल्ली के बेबी केयर सेंटर में आग लगने से 7 बच्चों की मौत

"डीएनए टेस्ट के बाद हम पहचान पाएंगे कि यह हमारा बच्चा था या नहीं.': मृतक शिशु के रिश्तेदार

Published
भारत
4 min read
story-hero-img
i
छोटा
मध्यम
बड़ा

"रात करीब 11.30 बजे जोरदार धमाका हुआ. इससे भीषण आग लग गई. हमें पता चला कि ऑक्सीजन सिलेंडर फट गया है. सामने वाले गेट पर भीषण आग लगी हुई थी. हम अंदर नहीं जा सके. इतने में नवजात बच्चों को बचाने के लिए नर्सें शोर मचाती हुई पीछे से बाहर आईं." ये बात अंकित बंसल ने पीटीआई से बात करते हुए कही, जो दिल्ली (Delhi) के बेबी केयर सेंटर में लगी आग के बाद रेस्क्यू में जुटे थे.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

'समय पर देखभाल मिल जाती तो बच्चे बच जाते'

अंकित बंसल ने आगे कहा, "हमने पीछे की तरफ से सीढ़ी लगाई थी. हमने बच्चों को बचाना शुरू कर दिया. 3-4 बच्चे ठीक थे. अगर उन्हें समय पर देखभाल मिल जाती तो वे बच जाते. जो बच्चे सामने थे, उन्हें नुकसान पहुंचा. हमने बच्चों को बचा लिया. रात करीब 12.45 बजे तक आग पर काबू पा लिया गया. आग सामने की तरफ से लगी थी."

12 दिन की मृतक बच्ची अंजान के पिता ने कहा, "मुझे कोई जानकारी नहीं थी. एक दोस्त ने सूचना दी. न अस्पताल ने सूचना दी, न पुलिस ने. मैंने अस्पताल को फोन किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. मैं यहां दौड़ा आया. बच्ची मर चुकी थी. मेरी बच्ची 12 दिन की थी. मैं इसके लिए बेबी सेंटर को जिम्मेदार मानता हूं और उस अस्पताल को भी जिसने यहां रेफर किया. मैं सभी बच्चों के लिए न्याय चाहता हूं. मैं पीएम और सीएम से न्याय सुनिश्चित करने का अनुरोध करता हूं."

क्या हुआ?

दिल्ली के विवेक विहार में शनिवार (25 मई) रात एक बेबी केयर सेंटर में आग लग गई. इस हादसे में 7 बच्चों की मौत हो गई है.

आईएएनएस के अनुसार, दमकल विभाग को रात करीब साढ़े 11 बजे आग लगने की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद मौके पर दमकल विभाग की 9 गाड़ियां भेजी गई.

  • शनिवार, 25 मई, 2024 देर रात नई दिल्ली के विवेक विहार इलाके में एक बच्चों के अस्पताल में आग लग गई.

    (फोटो: PTI)

पुलिस और दमकल विभाग ने 12 बच्चों का रेस्क्यू किया, जिनमें से 7 की मौत हो गई है.

जानकारी के अनुसार, 5 बच्चे अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं. ईस्ट दिल्ली एडवांस्ड केयर हॉस्पिटल में बच्चों को एडमिट किया गया है.

दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के प्रमुख अतुल गर्ग ने कहा कि विवेक विहार में एक बेबी केयर सेंटर से आग लगने की सूचना मिलते ही कुल नौ दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गई थी."

उन्होंने आगे कहा कि अस्पताल में सात बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पांच नवजात शिशुओं का इलाज चल रहा है.

डीसीपी ने कहा, "सभी 7 शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जीटीबी अस्पताल भेज दिया गया है. अस्पताल के मालिक नवीन किची, भैरों एन्क्लेव, पश्चिम विहार, दिल्ली के निवासी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है."

सख्त कार्रवाई की मांग

न्यू बॉर्न बेबी केयर अस्पताल में भर्ती एक नवजात शिशु के रिश्तेदार सुमित ने कहा, "मेरे भाई के बच्चे को 20 मई को यहां भर्ती कराया गया था. हम पुलिस स्टेशन गए और उनसे जानकारी मांगी, उन्होंने हमें जानकारी के लिए अस्पताल जाने के लिए कहा. हमें यहां रुकने की इजाजत नहीं थी. इस मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए."

हॉस्पिटल में भर्ती एक नवजात की मां ने कहा, "मेरा बच्चा पिछले तीन दिनों से यहां भर्ती था. मेरे बच्चे को केवल बुखार था."

"डीएनए टेस्ट के बाद हम पहचान पाएंगे कि यह हमारा बच्चा था या नहीं.': मृतक शिशु के रिश्तेदार

अभी पांच नवजात बच्चों  का इलाज चल रहा है.

(फोटो: PTI)

एक नवजात शिशु के रिश्तेदार ने कहा, "कल हमने अपने बच्चे को देखा. वे हमें यहां रहने नहीं दे रहे थे. हमें कोई जानकारी नहीं मिल रही है. डीएनए टेस्ट के बाद हम पहचान पाएंगे कि यह हमारा बच्चा था या नहीं.'

"दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा"

दिल्ली के स्वास्थ मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, "बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना की सूचना मिली है. मैंने सचिव (स्वास्थ्य) से वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी देने को कहा है. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. लापरवाही बरतने वाले या किसी भी गलत कार्य में शामिल पाए जाने वालों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी.

"इस दुख की घड़ी में सहानुभूति के सारे शब्द कम हैं. मेरी पूरी कोशिश रहेगी कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. पूरी जांच की जाएगी."

ADVERTISEMENTREMOVE AD

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, "बच्चों के अस्पताल में आग की ये घटना हृदयविदारक है. इस हादसे में जिन्होंने अपने मासूम बच्चों को खोया उनके साथ हम सब खड़े हैं. घटनास्थल पर सरकार और प्रशासन के अधिकारी घायलों को इलाज मुहैया करवाने में लगे हुए हैं. घटना के कारणों की जांच की जा रही है और जो भी इस लापरवाही का जिम्मेदार होगा वो बख्शा नहीं जाएगा."

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लिखा, "विवेक विहार, दिल्ली के एक अस्पताल में आग लगने से अनेक बच्चों की मृत्यु का समाचार हृदय विदारक है. ईश्वर शोक संतप्त माता-पिता एवं परिजनों को यह आघात सहने की शक्ति दे. मैं इस घटना में घायल हुए अन्य बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं."

दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा, "दिल्ली के विवेक विहार स्थित चाइल्ड हॉस्पिटल में आग लगने से हुए हादसे में नवजात शिशुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है. मेरा प्रशासन एवं दिल्ली कांग्रेस केकार्यकर्ताओं से अनुरोध है कि प्रभावित परिवारों की हर संभव सहायता करें.

इस घटना की निष्पक्ष जांच हो जिससे भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके. ईश्वर नवजात शिशुओं के परिजनों को यह दुख सहन करने की शक्ति दें एवं घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्रदान करें."

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "दिल्ली के एक अस्पताल में आग लगने की घटना दिल दहला देने वाली है. इस बेहद मुश्किल समय में मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ है. मैं घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करता हूं."

(हैलो दोस्तों! हमारे Telegram चैनल से जुड़े रहिए यहां)

सत्ता से सच बोलने के लिए आप जैसे सहयोगियों की जरूरत होती है
मेंबर बनें
अधिक पढ़ें
×
×