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दिल्ली: मृत दोस्त की बेटी से रेप का आरोपी अधिकारी गिरफ्तार, 4 महीनों में क्या हुआ?

दिल्ली पुलिस ने दोस्त की नाबालिग बेटी से बलात्कार के आरोपी सरकारी अधिकारी के साथ उसकी पत्नी को भी गिरफ्तार किया

Published
भारत
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(ट्रिगर वार्निंग: स्टोरी में बाल यौन शोषण का जिक्र है. पाठक को अपने विवेक के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है.)

अक्टूबर 2020 में COVID-19 महामारी के दौरान दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक ने अपने दोस्त को खो दिया. इसके बाद उस अधिकारी ने अपने मृत दोस्त की 15 वर्षीय बेटी को अपने साथ रखकर उसकी देखभाल करने की पेशकश की.

वह नाबालिग लड़की साल 2020 से 2021 के बीच चार महीने तक उसके परिवार के साथ रही.

21 अगस्त 2023 को 50 वर्षीय सरकारी अधिकारी को उन चार महीनों के दौरान नाबालिग लड़की से बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार (Delhi government official rape case) कर लिया है.

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इससे आठ दिन पहले, 13 अगस्त को, उत्तरी दिल्ली की बुराड़ी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की और उस पर आईपीसी की कई धाराओं और POCSO अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया.

मामले के सिलसिले में अधिकारी की पत्नी को भी गिरफ्तार किया गया है.

डीसीपी (नॉर्थ) सागर सिंह कलसी ने द क्विंट को बताया, "बच्ची अभी भी तनाव और सदमे में है. वह अस्पताल में निगरानी में है. हम डॉक्टरों की हरी झंडी का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद मजिस्ट्रेट के सामने लड़की का बयान दर्ज किया जाएगा."

चलिए आपको बताते हैं कि पूरा मामला कैसे सामने आया?

'दोनों परिवारों के पैरेंट्स फैमिली फ्रेंड थे'

पुलिस के अनुसार, सर्वाइवर लड़की का परिवार और आरोपी करीब तीन साल पहले बुराड़ी के एक चर्च में मिले थे, जहां वे अक्सर जाते थे.

सर्वाइवर के पिता एक सरकारी अधिकारी थे और उनकी मां उत्तरी दिल्ली के एक स्कूल में टीचर हैं. सर्वाइवर अपने माता-पिता की इकलौती संतान है.

डीसीपी (नॉर्थ) कलसी ने द क्विंट को बताया, "जब अक्टूबर 2020 में लड़की ने अपने पिता को खो दिया तो आरोपी ने उसे अपने घर ले जाने, उसकी देखभाल करने और उसे सदमे से उबरने में मदद करने का ऑफर रखा."

पुलिस ने कहा कि सर्वाइवर की मां आरोपी के प्रस्ताव पर तुरंत सहमत हो गई क्योंकि वे फैमिली फ्रेंड थे.

"पिता की मृत्यु के बाद, बच्ची और मां परेशान थे. मां मदद लेने के लिए तैयार हो गई क्योंकि वह अपने पति की मृत्यु के बाद बेटी की देखभाल नहीं कर सकती थी."
डीसीपी (नॉर्थ) सागर सिंह कलसी

उन्होंने आगे बताया, "सर्वाइवर ने कहा कि अक्टूबर 2020 से फरवरी 2021 के बीच चार महीने तक उसका शोषण किया गया, जब वह बुराड़ी में अधिकारी के घर पर रह रही थी."

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'मां से उसने घर ले जाने के लिए कहा'

पुलिस के मुताबिक, 2021 में जब लड़की को पता चला कि वह प्रेगनेंट है तो उसने आरोपी की पत्नी पर भरोसा किया.

सर्वाइवर नेएफआईआर में अपनी शिकायत में पुलिस को बताया कि आरोपी की पत्नी ने अपने बेटे को गर्भपात/अबॉर्शन की गोलियां लाने के लिए कहा और घर पर ही नाबालिग की प्रेगनेंसी को समाप्त कर दिया.

पुलिस ने बताया कि कुछ महीने बाद नाबालिग लड़की की मां उससे मिलने आरोपी के घर गई. डीसीपी (नॉर्थ) कलसी ने द क्विंट को बताया, "लड़की ने अपनी मां को बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है और उसे घर ले जाने के लिए कहा."

लड़की अपनी मां के साथ घर लौट आई, लेकिन काफी देर तक मां को अपनी बेटी की प्रेगनेंसी के बारे में पता नहीं चला.

'सर्वाइवर ने हॉस्पिटल में काउंसलर पर भरोसा किया'

बुराड़ी पुलिस ने द क्विंट को बताया कि इस महीने की शुरुआत में, लड़की को "एंजाइटी" का अनुभव होने लगा, जिसके कारण उसकी मां उसे अस्पताल ले गई.

डीसीपी कलसी ने बताया, "व्यापक काउंसलिंग के बाद, उसने डॉक्टरों, काउंसलर और पुलिस अधिकारियों को यौन शोषण के बारे में बताया. उसने कहा कि आरोपी की पत्नी से गर्भपात की गोलियां लेने के बाद उसकी प्रेगनेंसी खत्म हो गयी"

पुलिस ने बताया कि यह पहली बार था जब सर्वाइवर की मां को घटना के बारे में पता चला.

सर्वाइवर का फिलहाल इलाज चल रहा है, पुलिस ने कहा कि वे जल्द ही अदालत के सामने उसका बयान दर्ज करेंगे.

आप नेता और मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार, 21 अगस्त को आरोपी अधिकारी को निलंबित करने का आदेश दिया है.

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