मेघालय रेस्क्यू: 17 दिन बाद मिले मजदूरों के हेलमेट, बढ़ी उम्मीदें

मेघालय रेस्क्यू: 17 दिन बाद मिले मजदूरों के हेलमेट, बढ़ी उम्मीदें

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मेघालय के लमुथारी गांव के सान इलाके की एक कोयला खदान में पिछले 17 दिनों से फंसे 15 मजदूरों का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. कई एनजीओ, मेघालय सरकार और एनडीआरएफ लगातार रेस्क्यू में जुटी है. अब भारतीय नौसेना को भी इस ऑपरेशन का हिस्सा बनाया गया है. इस रेस्क्यू में फिलहाल तीन मजदूरों के हलमेट बरामद हुए हैं. जिससे सभी की उम्मीदें बढ़ गई है.

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जल्द पहुंच सकते हैं गोताखोर

इस ऑपरेशन को करीब 17 दिन हो चुके हैं, अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द गोताखोर फंसे हुए मजदूरों तक पहुंच सकते हैं. भारतीय नौसेना का साथ मिलने से इस ऑपरेशन को एक नई ताकत मिलने की उम्मीद है. नौसेना के गोताखोरों के एक दल को यहां भेजा गया है. इससे पहले नौसेना के अन्य जवान यहां पहंच चुके हैं. फिलहाल खादान से कुछ मजदूरों के हेलमेट निकाले गए हैं. इसके बाद उम्मीद की जा रही है कि जल्द गोताखोरों की टीम मजदूरों तक पहुंच सकती है.

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हर तरफ से मिल रही मदद

मेघालय में चल रहे इस रेस्क्यू ऑपरेशन क लिए चारों तरफ से मदद मिल रही है. क्योंकि खादान में पानी भरने से मजदूर वहां फंस गए हैं, इसीलिए पंप बनाने वाली कुछ कंपनियों ने भी यहां अपने हाई पॉवर पंप भिजवाए हैं. इससे पहले ओडिशा दमकल विभाग का एक दल भी इस अभियान से जुड़ने के लिए यहां पहुंचा था.

क्या है मामला

13 दिसंबर को मेघालय के लमुथारी गांव के सान इलाके में 370 फुट गहरी अवैध कोयला खदान में कुछ मजदूर काम कर रहे थे, तभी अचानक खदान में पानी भर गया. इसके बाद से ही यहां मौजूद 15 मजदूर खादान में ही फंस गए. जिसके बाद एनडीआरफ और कई दल संयुक्त रूप से मजदूरों के रेस्क्यू में जुटे हैं. इस मामले में मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात भी की थी.

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