रॉबर्ट वाड्रा के ऑफिस में देर रात तक चली ED की छापेमारी
 ईडी ने बीकानेर लैंड डील मामले में वाड्रा के खिलाफ समन जारी किया था
ईडी ने बीकानेर लैंड डील मामले में वाड्रा के खिलाफ समन जारी किया था (फोटो: पीटीआई)

रॉबर्ट वाड्रा के ऑफिस में देर रात तक चली ED की छापेमारी

यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के कई ठिकानों पर शुक्रवार को ईडी ने छापेमारी की. रॉबर्ट वाड्रा के सहयोगियों के दिल्ली और बेंगलुरु स्‍थ‍ित ऑफिस पर देर रात छापा मारा गया. ईडी ने कहा, वाड्रा के सहयोगियों के खिलाफ छापे की कार्रवाई रक्षा सौदों में कथित तौर पर कमीशन लेने के संबंध की गई.

इससे पहले ईडी ने बीकानेर लैंड डील मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ समन जारी किया था और पूछताछ के लिए बुलाया था.

ईडी टीम ने देर रात तक रॉबर्ट वाड़्रा के दफ्तर में छापेमारी की.

वाड्रा के वकील ने मीडिया से कहा, “ईडी की टीम ने उनके लोगों को ऑफिस में बंद कर रखा है. वो किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं दे रहे हैं. क्या ये सही है? क्या ये जेल है? पिछले 4.5 सालों से वो छानबीन कर रहे हैं लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं मिला. इसलिए अब वो हमें बाहर रख रहे हैं और हमारे खिलाफ सबूत बना रहे हैं.”

क्या है मामला?

मामला राजस्थान के बीकानेर जिले के कोलायात की एक लैंड डील से जुड़ा है. यह जमीन आर्मी की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज की वजह से विस्थापित होने वाले लोगों में बांटी जानी थी. ईडी ने इसमें पीएमएलए के तहत 2015 में क्रिमिनल केस दायर किया था. स्थानीय तहसीलदार की ओर से फर्जीवाड़े की शिकायत पर संज्ञान लेने के बाद ईडी ने मामला दायर किया था.

वाड्रा ने इस मामले में लगे सभी आरोपों से इनकार किया है
वाड्रा ने इस मामले में लगे सभी आरोपों से इनकार किया है
(फोटो: ट्विटर /@ MrRightcentre )

रॉबर्ट वाड्रा ने इस मामले में भ्रष्टाचार से इनकार किया है. कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी चुनाव के वक्त जानबूझकर यह मुद्दा उठा रही है, बीजेपी इसी बहाने राजनीतिक दुश्मनी निकाल रही है.

कैसे उठा यह विवाद?

दरअसल राजस्थान सरकार ने जनवरी 2015 में 3744 हेक्टेयर जमीन की म्यूटेशन (लैंड ट्रांसफर) रद्द कर दी थी. लैंड डिपार्टमेंट की ओर से अवैध निजी आवंटन की शिकायत पर लैंड ट्रांसफर रद्द किए गए थे. शिकायत में कहा गया था कि आवंटन गैरकानूनी तरीके से किए गए.

इस मामले में तहसीलदार का कहना था कि फायरिंग रेंज के लिए बीकानेर के 34 गांवों की जमीन लैंड माफिया ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये हथिया ली थी. इसमें सरकारी अफसरों की साठगांठ थी. आरोप है कि रॉबर्ट वाड्रा ने यह जमीन खरीदी थी, लेकिन बाद में बेच दी. राजस्थान सरकार इस सौदे को पहले ही रद्द कर चुकी है.

इस मामले में कांग्रेस ने बीजेपी पर राजनीतिक दुश्मनी का आरोप लगाया है
इस मामले में कांग्रेस ने बीजेपी पर राजनीतिक दुश्मनी का आरोप लगाया है
(फोटोः Facebook/Robert Vadra)

इस केस में आरोप है कि जमीन गलत तरीके से निजी क्षेत्र को दी गई. हालांकि आरोपियों में वाड्रा का नाम नहीं है, लेकिन उनकी कंपनी स्काइलाइट हॉस्पिटैलिटी का नाम है, जिसने जमीन खरीदी और बाद में बेची थी. ईडी उनकी कंपनी के ट्रांजेक्शन की जांच करेगा.

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