किसानों का भारत बंद,राहुल बोले-सत्याग्रह से अत्याचार का अंत होगा

आज किसानों के आंदोलन कर पूरे 4 महीने हो गए हैं.

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भारत
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किसानों ने शांतिपूर्ण भारत बंद की अपील की
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मोदी सरकार के तीन कृषि कानून के खिलाफ आज किसानों ने भारत बंद बुलाया है. बता दें कि आज किसानों के आंदोलन कर पूरे 4 महीने हो गए हैं. किसानों के भारत बंद को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने कई स्टेशन को बंद कर दिया गया है. टिकरी बॉर्डर, पंडित श्रीराम शर्मा, बहादुरगढ़ सिटी और ब्रिगेडियर होशियार सिंह मेट्रो स्टेशन को बंद कर दिया गया है.

कांग्रेस नेता राहुल गाधी ने भी किसानों के बंद का समर्थन किया है-

भारत का इतिहास गवाह है कि सत्याग्रह से ही अत्याचार, अन्याय व अहंकार का अंत होता है. आंदोलन देशहित में हो और शांतिपूर्ण हो!

दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस वे ब्लॉक

गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने सुबह ही नेशनल हाइवे 9 और 24 दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस वे को ब्लॉक कर दिया है, जिसके चलते राहगीरों को वापस लौटना पड़ रहा है. दिल्ली की जिन सीमाओं पर किसानों के धरने चल रहे हैं, वे सड़कें पहले से ही बंद हैं. इस दौरान वैकल्पिक रास्ते खोले गए थे। भारत बंद के दौरान सुबह 6 से शाम 6 बजे तक इन वैकल्पिक रास्तों को भी बंद किया जाएगा. इसी तर्ज पर किसानों ने बॉर्डर के बगल से निकल रहे हाइवे पर बैठ गए हैं.

पंजाब में भी दिखा असर

पार्टी और ट्रेड यूनियनों से ऊपर उठकर शुक्रवार को किसानों द्वारा किए जा रहे 12 घंटे लंबे राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन को पंजाब और हरियाणा में अच्छी खासी प्रतिक्रिया मिली है यहां सामान्य जन-जीवन प्रभावित रहा.

वहीं चंडीगढ़ में स्थिति लगभग सामान्य रही. किसानों, खेत के मजदूरों, कमीशन एजेंटों, ट्रेड यूनियनों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा रेल की पटरियों पर जमा होने और राष्ट्रीय राजमार्गों पर चक्काजाम करने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है. वैसे इस दौरान दोनों राज्यों में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है, इसके अलावा विरोध और चक्काजाम के चलते आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को प्रभावित नहीं होने दिया गया.

विरोध के दौरान कई किसान संघों के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस शासित पंजाब में कई जगहों पर दुकानदारों-व्यापारियों से अपना काम बंद करने को कहा.

भारतीय किसान यूनियन (एकता-उग्रहण) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरी कलां ने कहा कि किसान रेल और सड़क आंदोलन को पूरी तरह से रोकेंगे. साथ ही टैक्सी और अन्य वाहनों को भी अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रक यूनियन ने भी किसानों को अपना समर्थन दिया है.

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