किसान आंदोलन पर लोकसभा में क्या बोले ओवैसी, अखिलेश, फारूक?

कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में एकजुट हुआ विपक्ष

Published
भारत
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किसान आंदोलन पर लोकसभा में क्या बोले ओवैसी, अखिलेश, फारूक?

किसान आंदोलन को लेकर संसद में बहस लगातार जारी है. 9 फरवरी को असदुद्दीन ओवैसी, अखिलेश यादव, फारुक अब्दुल्ला समेत कई नेताओं ने लोकसभा में पुरजोर तरीके से किसान कानूनों और उसके खिलाफ चल रहे प्रदर्शन का मुद्दा उठाया. लोकसभा में ओवैसी ने कटाक्ष किया कि सरकार, चीन के खिलाफ तैयार होने की बजाय, सिंघु-टिकरी-गाजीपुर बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है. समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव कहते हैं कि MSP की बात सिर्फ भाषणों में हो रही है, जमीन पर नहीं. एनसी चीफ फारूक अब्दुल्ला सरकार ने सरकार को सलाह दिया कि कानूनों को प्रतिष्ठा का विषय न बनाएं.

आइए जानते हैं इन नेताओं ने किसान कानूनों और प्रदर्शन पर क्या-क्या कहा?

असदुद्दीन ओवैसी, AIMIM, सांसद

भारत-चीन सीमा पर चीन लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा रहा है और फोर्स जमा कर रहा है. मैं ये सरकार से जानना चाहता हूं कि जब बर्फ पिघलेगी और चीन फिर से भारतीय सुरक्षाबलों पर हमला करेगा तो इसके लिए हमारी क्या तैयारी है?
असदुद्दीन ओवैसी, AIMIM, सांसद
हम टिकरी, सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर पर इंफ्रास्ट्रक्चर बना रहे हैं अरुणाचल प्रदेश में नहीं. किसानों के साथ ऐसा व्यवहार हुआ है, ऐसा लग रहा है कि वो चीनी सेना हैं. आपको कानून वापस लेना ही होगा और अपने अहंकार को भूलना होगा.
असदुद्दीन ओवैसी, AIMIM, सांसद

अखिलेश यादव, सांसद, समाजवादी पार्टी

कल मैंने सुना था ‘MSP था, MSP है, MSP रहेगा’. ये सिर्फ भाषणों में हैं जमीन पर नहीं है. किसानों को कुछ नहीं मिल रहा है, अगर मिलता तो वो दिल्ली में बैठे नहीं होते. मैं किसानों को धन्यवाद देना चाह रहा हूं कि उन्होंने देशभर के किसानों को जगाया है.
अखिलेश यादव, सांसद, समाजवादी पार्टी
अगर सरकार ये कह रही है कि कानून किसानों के लिए है तो जब किसानों को ही मंजूर नहीं है तो वापस क्यों नहीं लिया जा रहा है? जिन लोगों के लिए ये बनाया गया है वो ये चाहते ही नहीं हैं. सरकार को कौन रोक रहा है? क्या ये आरोप जो लगाया जा रहा है कि सरकार इस कानून को लाकर कॉरपोरेट्स के लिए कार्पेट बिछा रही है,ये सही है?
अखिलेश यादव, सांसद, समाजवादी पार्टी
देश ने आंदोलन के जरिए ही आजादी हासिल की है. असंख्य अधिकार आंदोलन के जरिए ही पाए गए थे. महिलाओं ने वोट देने का अधिकार आंदोलन के जरिए हासिल किया था. अफ्रीका, दुनिया और भारत में आंदोलन के जरिए ही महात्मा गांधी राष्ट्रपित बनें.
अखिलेश यादव, सांसद, समाजवादी पार्टी
आंदोलन के बारे में क्या कहा जा रहा है? वो लोग ‘आंदोलनजीवी’ हैं. मैं उन लोगों को क्या कहूं जो चंदा इकट्ठा कर रहे हैं? क्या वो ‘चंदा जीवी संगठन’ के कार्यकर्ता हैं.
अखिलेश यादव, सांसद, समाजवादी पार्टी

फारूक अब्दुल्ला, सांसद, नेशनल कॉन्फ्रेंस

ये कोई धार्मिक ग्रंथ नहीं है, जिसमें बदलाव नहीं किया जा सकते हैं. अगर किसान उसे वापस लेने के लिए कह रहे हैं तो आप बात क्यों नहीं कर सकते? इसे प्रतिष्ठा का विषय न बनाएं. ये हमारा देश है. हम इस देश के हैं, आइए हर किसी का सम्मान करते हैं.
फारूक अब्दुल्ला, सांसद, नेशनल कॉन्फ्रेंस

इस बीच पंजाब के 8 लोकसभा सांसदों ने किसान कानूनों को वापस लेने वाला प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया है. वहीं बीजेपी ने सरकार के पक्ष के समर्थन के लिए अपने सांसदों के लिए थ्री-लाइन व्हिप जारी किया है.

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