WhatsApp ने हैकिंग पर प्रियंका गांधी को भी किया था अलर्टः कांग्रेस

WhatsApp ने हैकिंग पर प्रियंका गांधी को भी किया था अलर्टः कांग्रेस

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वॉट्सऐप जासूसी कांड में कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है. कांग्रेस ने कहा है कि सरकार को पैगेसस स्पाइवेयर के जरिए नेताओं पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के व्हाट्सऐप हैक की जानकारी थी. लेकिन सरकार जानबूझकर चुप्पी साधे रही.

पार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने दावा किया है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को भी वॉट्सऐप की ओर से फोन हैकिंग को लेकर अलर्ट किया गया था. सुरजेवाला ने कहा कि प्रियंका गांधी को भी वॉट्सऐप की तरफ से इसका मैसेज आया था.

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अपना फोन टेप होने से संबंधित बयान पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सुरजेवाला ने कहा-

दो राजनेताओं के नाम सबसे पहले आ चुके हैं, प्रफुल्ल पटेल और ममता बनर्जी. इन्होंने सामने आकर ये कहा कि उनके टेलीफोन को टेप किया गया, हैक किया गया. जहां तक मुझे जानकारी है, जब वॉट्सऐप ने जिनके फोन हैक हुए थे, उन्हें मैसेज भेजे थे, तब प्रियंका गांधी को भी वॉट्सऐप की तरफ से एक मैसेज आया था.

प्रियंका गांधी के फोन की हैकिंग को लेकर जब सुरजेवाला से दोबारा सवाल पुछा गया तो उन्होंने कहा, 'जिन लोगों के फोन हैक हुए थे, वॉट्सऐप ने उन्हें मैसेज भेजे थे. ऐसा ही एक मैसेज वॉट्सऐप की ओर से प्रियंका गांधी के फोन पर भी आया था. मैं आपको सिर्फ यही बता सकता हूं.'

सुरजेवाला से जब ये पूछा गया कि प्रियंका गांधी को ये मैसेज कब मिला था, तो उन्होंने कहा, 'जब वॉट्सऐप ने दूसरे लोगों को ये मैसेज भेजा था, तभी उन्हें (प्रियंका गांधी) भी ये मैसेज मिला था. वॉट्सऐप ने ये नहीं कहा था कि पैगेसस सॉफ्टवेयर के जरिए गैरकानूनी तरीके से फोन हैक कर लिया गया. जिस तरह के मैसेज वॉट्सऐप ने लोगों को भेजे थे, वो पहले ही सबकी जानकारी में है और प्रियंका गांधी को भी वैसा ही मैसेज मिला था.'

कांग्रेस के सरकार से पांच सवाल?

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार इस जासूसी कांड में अपनी भूमिका को लेकर पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को अब 5 सवालों का जवाब देना चाहिए-

  1. क्या बीजेपी सरकार 2019 के आम चुनाव के दौरान राजनेताओं, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं की जासूसी कर रही थी?
  2. भारत सरकार में किसने पैगेसस के गैर-कानूनी और असंवैधानिक इस्तेमाल की इजाजत दी?
  3. इसकी खरीद की इजाजत किसने दी?
  4. भारत सरकार जानकारी के बावजूद इस मामले पर चुप्पी क्यों साधे हुए है?
  5. जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी?

सबकुछ जानकर भी चुप्पी साधे रही चुप्पीः सुरजेवाला

सुरजेवाला ने दावा किया कि नेशनल इंफॉर्मेटिक सेंटर, VSNL और BSNL द्वारा संचालित नेशनल इंटरनेट बैकबोन पर चलता है. इसमें भी पैगेसस स्पाइवेयर पाया गया है. इसका मतलब सुप्रीम कोर्ट, संसद, देश की केंद्रीय और प्रांतीय सरकार तक कुछ भी इससे सुरक्षित नहीं रहा.

बीजेपी सरकार को अप्रैल-मई 2019 से पैगेसस की जानकारी थी और इसका इस्तेमाल 2019 के आम चुनाव में किया गया. फेसबुक ने ये जानकारी भारत सरकार के IT विभाग को दे दी थी. इसके बारे में CERT-IN ने 17 मई 2019 को एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की थी. फेसबुक और वॉट्सऐप के अनुसार जासूसी के जो भी आंकड़े सामने आए हैं, उनमें वृद्धि हो सकती है. यह कांड और बड़ा हो सकता है.

सुरजेवाला ने कहा, ‘साफ है कि भारत सरकार को अप्रैल-मई 2019 के दौरान इस टेलीफोन हैक की जानकारी थी. सितंबर 2019 में फेसबुक ने फिर इसकी जानकारी दी. मगर मोदी सरकार पूरी तरह से चुप्पी साधे रही.’

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