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महाराष्ट्रः राहुल नार्वेकर कौन हैं? जिन्होंने नए विधानसभा स्पीकर का चुनाव जीता

शिवसेना और NCP में भी रह चुके हैं राहुल नार्वेरकर.

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महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर चुनाव बीजेपी गठबंधन के उम्मीदवार राहुल नार्वेकर जीत गए हैं. बीजेपी उम्मीदवार राहुल नार्वेकर महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष चुने गए हैं, उन्हें समर्थन में कुल 164 मिले और उनके खिलाफ 107 वोट पड़े. महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष पद के बीजेपी उम्मीदवार 45 साल के राहुल नार्वेकर पेशे से वकील हैं.

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राहुल नार्वेकर के नाम पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा

विधानसभा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद के लिए बीजेपी ने राहुल नार्वेकर का नाम आगे कर राजनीति के जानकारों को चौंका दिया. बीजेपी की ओर से राहुल नार्वेकर के चयन पर राजनीतिक हलकों में इसलिए भी हैरानी है क्योंकि अब तक इस पद के लिए किसी वरिष्ठ और अनुभवी नेता को ही नामित करने परंपरा रही है.

इंडिएन एक्सप्रेस के मुताबिक बीजेपी सूत्रों ने कहा कि राहुल नार्वेकर को इसलिए चुना गया है, क्योंकि वह कानूनी और विधायी जटिलताओं से अच्छी तरह वाकिफ हैं. मौजूदा राजनीतिक हालात में उनकी विशेषज्ञता विधानसभा के संचालन में मदद करेगी. पार्टी सूत्रों ने ये भी दावा किया कि पहली बार के विधायक होने के बावजूद, नार्वेकर एक अनुभवी नेता हैं. वह लंबे समय तक कई दलों के साथ काम कर चुके हैं.

कौन हैं राहुल नार्वेकर?

उनके पिता सुरेश नार्वेकर बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में पार्षद थे. उनके भाई मकरंद BMC के वार्ड नंबर 227 से दूसरी बार पार्षद बने हैं. उनकी भाभी हर्षता भी बीएमसी के वार्ड नंबर 226 से पार्षद हैं. इसके अलावा, राहुल विधान परिषद के पूर्व अध्यक्ष NCP के वरिष्ठ नेता रामराजे निंबालकर के दामाद भी हैं.

साल 2019 में ज्वॉइन की थी बीजेपी

राहुल नार्वेकर ने महाराष्ट्र विधानसभा 2019 के दौरान ही बीजेपी ज्वॉइन की थी. बीजेपी ने उन्हें साउथ मुंबई की कोलाबा विधानसभा से मैदान में उतारा था, जहां उन्होंने जीत दर्ज की थी. राहुल नार्वेकर इस वक्त प्रदेश बीजेपी के मीडिया इंचार्ज भी हैं.

शिवसेना और NCP में भी रहे राहुल नार्वेकर

बीजेपी से पहले राहुल नार्वेकर शिवसेना और NCP में भी रहे. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, राहुल नार्वेकर 15 साल तक शिवसेना में रह चुके हैं. 2014 में वह राज्य विधान परिषद का चुनाव लड़ना चाहते थे. लेकिन, शिवसेना ने इनकार कर दिया. इसके बाद वह शिवसेना से इस्तीफा देकर शरद पवार की अगुआई वाली NCP में शामिल हो गए.

2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान वह NCP के टिकट पर मावल सीट से मैदान में उतरे थे, लेकिन जीत नहीं पाए. उसके बाद उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया, और कोलाबा से विधायक बने.

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