यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने आज सभी विपक्षी दलों के नेताओं को डिनर पर बुलाया है. कांग्रेस के इस कदम को एनडीए के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. इस डिनर में 17 विपक्षी दलों के नेताओं के पहुंचने की संभावना है.
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, आंध्रप्रदेश की सत्तारुढ़ तेलुगू देशम पार्टी (TDP), बीजेडी और टीआरएस के नेताओं को इसके लिए निमंत्रण नहीं भेजा गया था. टीडीपी ने हाल ही में अपने मंत्रियों को नरेंद्र मोदी सरकार से हटा लिया है, लेकिन वो एनडीए का घटक बनी हुई है.
बताया जा रहा है कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड विकास मोर्चा के नेता बाबूलाल मरांडी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी बैठक में पहुंचेंगे. मांझी ने हाल ही में एनडीए का साथ छोड़कर लालू प्रसाद के साथ हाथ मिलाया है. लालू प्रसाद के बेटे और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के पहुंचने की भी संभावना है.
तृणमूल के सुदीप बंदोपाध्याय, डीएमके की कनिमोई, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, सीपीएम के सीताराम येचुरी, सीपीआई के डी राजा, केरल कंग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, रिवोल्युशनरी सोशलिस्ट पार्टी और आरएलडी के नेताओं के हिस्सा लेने की संभावना है.
बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस की लामबंदी
सोनिया गांधी ने यह पहल ऐसे समय में की है जबकि गैर बीजेपी, गैर कांग्रेस मोर्चा की संभावनाओं को लेकर चर्चा हो रही है. इससे पहले टीआरएस प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने इस मामले में राष्ट्रीय स्तर पर विचार विमर्श करने का प्रस्ताव दिया था.
कांग्रेस के करीबी सूत्रों ने बताया,
‘‘यह महज रात्रिभोज नहीं होगा बल्कि यह विपक्षी दलों का शक्ति प्रदर्शन भी होगा जो बीजेपी के कुशासन के खिलाफ एकजुट होकर एक मोर्चा गठित करना पसंद कर सकते हैं.’’
NCP ने भी बुलाई बैठक
इधर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार ने लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति पर चर्चा के लिए कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई है.
प्रफुल्ल पटेल पहले ही कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी से मुलाकात कर चुके हैं और उन्हें बैठक में पहुंचने का न्योता दे चुके हैं.
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