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Satyendar Jain को 'सुप्रीम' राहत,1 साल बाद मिली 6 हफ्ते की अंतरिम जमानत

Satyendar Jain Bail: सत्येंद्र जैन बिना अनुमति के दिल्ली से बाहर नहीं जा सकते और न ही कोई बयान दे सकते हैं.

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दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने सत्येंद्र जैन को मेडिकल आधार पर 6 हफ्ते की सशर्त अंतरिम जमानत दी है. सत्येंद्र जैन को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था. उन्हें करीब 1 साल बाद अंतरिम जमानत मिली है.

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सत्येंद्र जैन को सशर्त अंतरिम जमानत

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को सशर्त अंतरिम जमानत दी है. शीर्ष अदालत ने मेडिकल ग्राउंड पर शर्तों के साथ छह हफ्ते की अंतरिम जमानत दी है. वह बिना अनुमति के दिल्ली से बाहर नहीं जा सकते और मीडिया के सामने कोई बयान नहीं दे सकते हैं.

सत्येंद्र जैन तिहाड़ जेल के शौचालय में फिसले, LNJP में भर्ती

सत्येंद्र जैन की पिछले कुछ दिनों से तबीयत खराब चल रही है. गुरुवार को वो तिहाड़ जेल के शौचालय में फिसल गए थे. जिसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया था. जैन को पहले दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती करवाया गया. इसके बाद उन्हें दिल्ली के LNJP अस्पताल में शिफ्ट कराया गया था.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी सत्येंद्र जैन की तबीयत खराब होने का मुद्दा उठाया था. इसको लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना भी साधा था. केजरीवाल ने गुरुवा, 25 जून को ट्वीट कर कहा था कि, "जो इंसान जनता को अच्छा इलाज और अच्छी सेहत देने के लिए दिन-रात काम कर रहा था, आज उस भले इंसान को एक तानाशाह मारने पर तुला है. उस तानाशाह की एक ही सोच है - सबको ख़त्म कर देने की, वो सिर्फ़ “मैं” में ही जीता है. वो सिर्फ़ खुद को ही देखना चाहता है. भगवान सब देख रहे हैं, वो सबके साथ न्याय करेंगे. ईश्वर से सत्येंद्र जी के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. भगवान उन्हें इन विपरीत परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति दें."

2017 में FIR, 2022 में गिरफ्तारी

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अगस्त 2017 में सत्येंद्र जैन और उनके परिवार के खिलाफ कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में FIR दर्ज की थी. CBI ने आरोप लगाया कि सत्येंद्र जैन और उनके परिवार ने 2011-12 में ₹ 11.78 करोड़ और 2015-16 में ₹ 4.63 करोड़ रुपये की लॉन्ड्रिंग के लिए चार शेल कंपनियां शुरू की, जो वास्तव में किसी बिजनेस में नहीं जुड़ीं थीं.

इसके बाद ED ने CBI की इस FIR के आधार पर सत्येंद्र जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच शुरू की.

ED ने अप्रैल 2022 में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में सत्येंद्र जैन और उनके रिश्तेदारों से कथित रूप से जुड़ी कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अटैच कर दिया था. इसके बाद 30 मई को सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार कर लिया था.

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