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हाथ में मौली धागा बांधने से लकवे का खतरा कम होने के दावों का सच

रिस्ट एसेसरीज प्रिवेंट पैरालिसिस: इस वीडियो में सोर्स के रूप में जिस रिपोर्ट का इस्तेमाल किया गया है, वो फेक और एडिटेड है.

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है हिंदू धर्म में इस्तेमाल होने वाला मौली धागा पहनने से लकवे की संभावना 87 प्रतिशत तक कम हो सकती है. वीडियो में मेडिकल न्यूज टुडे की एक रिपोर्ट का भी हवाला दिया गया है.

रिस्ट एसेसरीज प्रिवेंट पैरालिसिस: इस वीडियो में सोर्स के रूप में जिस रिपोर्ट का इस्तेमाल किया गया है, वो फेक और एडिटेड है.

इस पोस्ट का अर्काइव यहां देखें

(सोर्स: X/स्क्रीनशॉट)

(इसी तरह के दूसरे दावों के आर्काइव्स को यहां और यहां देखा जा सकता है.)

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वीडियो का सच क्या है ?: इस वीडियो में सोर्स के रूप में जिस रिपोर्ट का इस्तेमाल किया गया है, वो फेक और एडिटेड है. ऐसा कोई दूसरा शोध भी नहीं है, जिससे ये दावा सच साबित होता हो.

  • हमनें सच का पता कैसे लगाया ?: हमने पब्लिकेशन के नाम और इमेज में दिए गए कुछ शब्दों से कीवर्ड सर्च किया. हमें 16 अप्रैल को मेडिकल न्यूज टुडे द्वारा शेयर की गई असली रिपोर्ट मिली.

    ओरिजिनल हेडलाइन में लिखा था, "क्या तांबे के ब्रेसलेट गठिया में मदद करते हैं?" और रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि कैसे इस दावे को सपोर्ट करने के लिए कोई सबूत नहीं है.

    तारीख, बायलाइन और पहले चार पैराग्राफ भी वायरल वीडियो में शेयर किए गए स्क्रीनशॉट से मेल खाते हैं.

रिस्ट एसेसरीज प्रिवेंट पैरालिसिस: इस वीडियो में सोर्स के रूप में जिस रिपोर्ट का इस्तेमाल किया गया है, वो फेक और एडिटेड है.

हमें ऐसी कोई रिसर्च रिपोर्ट नहीं मिली, जिससे पुष्टि होती हो कि मोली धागा बांधने से लकवे का खतरा कम होता है.

निष्कर्ष: हाथ में मौली धागा बांधने से लकवे का खतरा कम होने वाला वायरल दावा फेक है.

(अगर आपक पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर  9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)

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