लक्ष्मी विलास बैंक का DBS इंडिया में मर्जर, क्या हैं इसके मायने?

पॉडकास्ट में सुनिए कैसे पिछले बर्बाद बैंकों की दास्तान में LVB का ये चैप्टर किस तरह राहत की खबर है? 

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पॉडकास्ट
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सुनिए कैसे पिछले बर्बाद बैंकों की दास्तान में LVB का ये चैप्टर किस तरह राहत की खबर है? 
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रिपोर्ट: फबेहा सय्यद
सीनियर डेस्क राइटर: वैभव पालिनिटकर
म्यूजिक: बिग बैंग फज

घर में अगर ज्यादा रकम इकट्ठी हो जाती है तो कहा जाता है कि बैंक में जमा कर देना चाहिए ताकि पैसा सुरक्षित रहे और ये जरूरत पड़ने पर काम आए, लेकिन अब तो एक के बाद एक बैंकों से बुरी खबरें आने के बाद ये सुकून भी छिन गया है. यस बैंक, पीएमसी बैंक के बाद एक और बैंक लक्ष्मी विलास बैंक खबरों में है. हुआ ये है कि केंद्र सरकार ने वित्तीय संकट से गुजर रहे प्राइवेट सेक्टर के लक्ष्मी विलास बैंक पर 7 नवंबर के बाद से एक महीने तक मोरेटोरियम लगाया है. लेकिन ये भी ऐलान किया है कि इस दौरान बैंक के कस्टमर ज्यादा से ज्यादा 25 हजार रुपये ही निकाल सकेंगे. लेकिन आरबीआई ने इसका डीबीएस बैंक के साथ मर्जर का फैसला किया है और डिपॉजिटर्स को कहा है कि चिंता करने की जरूरत नहीं है, आपका पैसा सेफ है.

एक तरफ इसे राहत की खबर बताया जा रहा है तो दूसरी तरफ कर्मचारी संगठन इसका विरोध कर रहे हैं. लेकिन इस बैंक के अकाउंट होल्डर्स का क्या कहना हैं? आज पॉडकास्ट में इन्ही सब मुद्दों पर बात करेंगे.

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