दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम का उद्घाटन आज, हर बड़ी बात

अहमदाबाद का सरदार वल्लभ भाई पटेल मोटेरा स्टेडियम एक बार फिर चर्चा में है

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अहमदाबाद का सरदार वल्लभ भाई पटेल मोटेरा स्टेडियम
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अहमदाबाद का सरदार वल्लभ भाई पटेल मोटेरा स्टेडियम एक बार फिर चर्चा में है. पुर्ननिर्माण के बाद बदले हुए विशालकाय और भव्य स्वरूप में यह स्टेडियम भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज के तीसरे टेस्ट के लिए तैयार है. नए रूप में मोटेरा स्टेडियम का औपचारिक उद्घाटन 24 फरवरी को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे.

इस स्टेडियम में पहले भी मैच हुए थे, लेकिन गुजरात क्रिकेट संघ (जीसीए) ने इस स्टेडियम को नया रूप दिया है जिसके बाद यह दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बन गया है. इस स्टेडियम में 110000 दर्शक बैठकर क्रिकेट का लुत्फ उठा सकते हैं.

पिछले साल 24 फरवरी को यह स्टेडियम उस समय चर्चा में आया था जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत दौरा किया था. ट्रंप अपनी पत्नी मेलानिया ट्रंप के साथ विशेष विमान -एयरफोर्स वन से अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे थे. यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रोटोकॉल तोड़कर खुद उनकी अगुवाई की थी. इसके बाद ट्रंप और पीएम मोदी का काफिला मोटेरा स्टेडियम गया था.

मोटेरा स्टेडियम की खास बातें:

  • अहमदाबाद मिरर की एक एक रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के इस सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम को बनाने में तकरीबन 800 करोड़ रुपये की लागत आई है. इसमें चार लॉकर रूम हैं जिन्हें आईपीएल में होने वाले डबल हैडर (एक दिन में दो मैच) को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है.
  • मुख्य क्रिकेट ग्राउंड के अलावा इसमें दो छोटे क्रिकेट ग्राउंड भी हैं. स्टेडियम में कुल 11 क्रिकेट पिच हैं.
  • स्टेडियम में 75 कॉरपोरेट बॉक्स हैं और एक कॉरपोरेट बॉक्स की क्षमता 25 लोगों की है. पार्किंग के मामले में भी इस स्टेडियम में किसी तरह की कमी नहीं रखी गई है. 10000 दो पहिया वाहनों के अलावा 3000 कार इस स्टेडियम में पार्क की जा सकती हैं.
  • स्टेडियम में क्लबहाउस भी है जिसमें 55 कमरे बने हुए हैं. इसमें इनडोर और आउटडोर स्पोर्टस फैसेलिटी, रेस्टोरेंट्स, ओलम्पिक साइज स्विमिंग पूल, जिम, पार्टी एरिया भी है.
  • यह स्टेडियम सिर्फ क्रिकेट की सुविधाएं ही मुहैया नहीं कराता बल्कि इसमें फुटबॉल, हॉकी, बास्केटबॉल, कबड्डी, मुक्केबाजी, टेनिस, रनिंग ट्रैक आदि अकादमियों की भी व्यवस्था है.
  • यह स्टेडियम वैसे तो 1982 में बना था और अब तक कई अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी कर चुका है. इनमें से कई मैच इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हैं लेकिन अब एक नए अवतार में यह स्टेडियम क्रिकेट की मेजबानी के लिए एक बार फिर तैयार है.

(इनपुट्स: IANS से भी)

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