सोनीपत: ‘जाटलैंड’ के वोटों की चाबी से किसकी खुलेगी किस्मत?

सोनीपत: ‘जाटलैंड’ के वोटों की चाबी से किसकी खुलेगी किस्मत?

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वीडियो एडिटर: विवेक गुप्ता

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लोकसभा चुनाव 2019 के छठे चरण यानी 12 मई को हरियाणा की 10 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. सोनीपत सीट से बीजेपी के मौजूदा सांसद रमेश चंद्र कौशिक और कांग्रेस से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच मुकाबला होगा. इनके अलावा जननायक जनता पार्टी (JJP) से दिग्विजय चौटाला भी मैदान में हैं.

हरियाणा की राजनीति में जाट बनाम गैर जाट की राजनीति की हवा रही है. रमेश चंद्र कौशिक ब्राह्मण समुदाय से ताल्लुक रखते हैं. वहीं हुड्डा और चौटाला जाट समुदाय से हैं. ऐसे में क्या बीजेपी गैर जाट बनाम जाटों के बीच वोटों का ध्रुवीकरण कर सकेगी?

क्विंट की टीम पहुंची हरियाणा के सोनीपत के मशहूर गांव भैंसवाल कलां. ये गांव ओलंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त समेत कई दिग्गज खिलाड़ियों के लिए जाना जाता है, लेकिन राजनीतिक रूप से भी काफी अहम है. ये गांव मलिक जाट बिरादरी का गढ़ कहलाता है. जाट बेल्ट की राजनीति में इनका दबदबा रहता है और संख्या और सक्षमता के लिहाज से ये सब पर भारी पड़ते हैं.

माना जाता है कि यहां इनके वोटों की चाबी जिसके ताले में लग जाती है, उसकी किस्मत खुल जाती है. क्विंट ने इस गांव के लोगों के साथ चुनावी चौपाल की और चुनावी मौसम में इनके मूड को परखा.

बेरोजगारी और जाट आंदोलन हिंसा का मुद्दा बीजेपी के लिए रोड़ा?

भैंसवाल गांव के लोगों ने बताया कि बेरोजगारी और जाट आंदोलन में हुई हिंसा का मुद्दा बीजेपी के लिए रोड़ा बन सकता है. यहां के किसान रमेश मलिक कहते हैं कि वो मोदी के कायल हैं, लेकिन इस बार उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार भूपेंद्र हुड्डा को वोट देने की बात कही. उन्होंने कहा, "सरकार ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए यहां जाट आंदोलन को भड़काया. इस वजह से लोगों के साथ हमारे रिश्ते में दरार आ गईं. हमारा भाईचारा खत्म हो गया."

सरपंच राजेश मलिक कहते हैं कि बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है. इस वजह से इस बार बीजेपी की पिछली बार से कम सीटें आएंगी. अगर बीजेपी की सरकार बनती भी है, तो पूर्ण बहुमत से नहीं बनेगी. उसे गठबंधन की जरूरत पड़ेगी.

'हम चरित्र देखकर वोट करेंगे'

परवेश मलिक कहते हैं कि वो उम्मीदवार का चरित्र देखकर वोट करते हैं. उन्होंने कहा, "हमारे लिए भूपेंद्र सिंह हुड्डा जी का चरित्र बहुत अच्छा है. उन्होंने यहां के हर गांव और जिले में विकास किया है. लेकिन बीजेपी के सांसद रमेश चंद्र कौशिक का चरित्र बिल्कुल अच्छा नहीं लगता है." जब क्विंट ने उनसे पूछा कि चरित्र का क्या तात्पर्य है? तो उन्होंने कहा, "जब भी उनके पास किसी काम के लिए जाते हैं, तो मना कर देते हैं. अगर उनकी जगह बीजेपी का कोई और उम्मीदवार होता, तो हम जरूर सपोर्ट करते, लेकिन रमेश कौशिक को नहीं"

किसान नरेंद्र मलिक ने बताया कि हरियाणा की मनोहर खट्टर सरकार नाकाम रही.

हमारे खेतों में 20 सालों से पानी नहीं है. उन्होंने वादा किया था कि सरकार बनने पर पानी की समस्या खत्म होगी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ.
नरेंद्र मलिक, किसान

23 मई को चुनाव के नतीजे घोषित होंगे.

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