छत्तीसगढ़ चुनाव में किंग से अहम किंगमेकर, मायावती-जोगी पर निगाहें
छत्तीसगढ़ चुनाव में किंग से अहम किंगमेकर, मायावती-जोगी पर निगाहें(फोटो: क्विंट हिंदी)
  • 1. कौन बनेगा CM?
  • 2. 2003: असली परीक्षा
  • 3. अब मिलिए किंगमेकर्स से
  • 4. जोगी और मायावती क्यों मायने रखते हैं?
छत्तीसगढ़ चुनाव में किंग से अहम किंगमेकर, मायावती-जोगी पर निगाहें

12 नवंबर से छत्तीसगढ़ में चौथा विधानसभा चुनाव होने जा रहा है. साल 2000 में मध्यप्रदेश से अलग नया राज्य बनने पर छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने अजित जोगी के नेतृत्व में यहां पहली सरकार बनाई थी.

छत्तीसगढ़ में पहले चरण में 12 विधानसभा सीटों पर 12 नवंबर को वोट डाले जाएंगे, वहीं 78 सीटों पर 20 नवंबर को वोटिंग होगी. वोटों की गिनती 11 दिसंबर को होगी.

इस बार छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार किंगमेकर किंग से ज्यादा अहम होने जा रहा है लेकिन हम आपको इन ‘किंगमेकर्स’ के बारे में बताएं इससे पहले जान लीजिए कि ‘किंग’ बनने की संभावना किसकी है?

  • 1. कौन बनेगा CM?

    छत्तीसगढ़ में इस सवाल को लेकर ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है. यहां हमेशा से कांटे की टक्कर दो पार्टियों- बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही रही है. 2003 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 50 सीटें मिली थी और रमन सिंह राज्य के पहले ‘निर्वाचित’ मुख्यमंत्री बनें. यहां ‘निर्वाचित’ शब्द पर जरूर ध्यान दीजिएगा, क्योंकि कांग्रेस के अजित जोगी चुनाव में जीतकर नहीं आए थे.

    ऐसा क्यों हुआ?

    साल 2000 में मध्य प्रदेश से अलग कर छत्तीसगढ़ को नए राज्य का दर्जा मिला और 1998 में हुए एमपी चुनाव के हिसाब से विधानसभा का गठन किया गया था. उस चुनाव में कांग्रेस के पास ज्यादा विधायक उस इलाके से थे जिसे मध्य प्रदेश से अलग कर यानी छत्तीसगढ़ राज्य बनाया गया था.

    जाहिर है, पहली सरकार कांग्रेस की ही बनी और मुख्यमंत्री अजित जोगी बनें जिनकी सरकार 2003 तक सत्ता में रही.

    ‘छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की जिम्मेदार BJP सरकार’

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