राजनीतिक गठबंधन की स्थिति और स्कोप को समझने के लिए जानिए उसके फॉर्मेशन, फंक्शनिंग और हिस्ट्री के बारे में सब कुछ
राजनीतिक गठबंधन की स्थिति और स्कोप को समझने के लिए जानिए उसके फॉर्मेशन, फंक्शनिंग और हिस्ट्री के बारे में सब कुछ(फोटोः Quint Hindi)
  • 1. गठबंधन क्या है और इसका गठन कैसे होता है?
  • 2. क्या भारत में कोई गठबंधन की सरकार रह चुकी है?
  • 3. क्या कभी किसी गठबंधन सरकार का कार्यकाल पूरा हुआ है?
  • 4. गठबंधन सरकारें देश के लिए अच्छी या बुरी?
  • 5. अगर 2019 के लोकसभा चुनावों के बाद गठबंधन की सरकार बनी तो...
फिर दस्तक देने को तैयार ‘गठबंधन’ की राजनीति, क्या हैं इसके मायने?

जनवरी 2019 में तीन बड़े कार्यक्रम हुए. सबसे पहले समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल ने देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले सूबे उत्तर प्रदेश में नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी को सत्ता से बेदखल करने के लिए महागठबंधन करने की घोषणा की.

दूसरा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बुलावे पर कई बीजेपी विरोधी दल एक मेगा रैली करने के लिए कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में जमा हुए. तीसरा, दो ओपिनियन पोल – पहला एबीपी न्यूज और सी-वोटर और दूसरा इंडिया टुडे और कार्वी इनसाइट्स, ने अनुमान लगाया कि बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन) को लोकसभा में बहुमत मिलना मुश्किल है.

इन कार्यक्रमों के कारण गैर-बीजेपी गठबंधन को बहुमत मिलने पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं.

भले ही बीजेपी ने महागठबंधन की सरकार बनने की उम्मीदों का मजाक उड़ाया हो, लेकिन अभी नतीजे सामने नहीं आए हैं और इस बात को आसानी से नकारा नहीं जा सकता कि भारत में फिर से गठबंधन की सरकार बन सकती है.

किसी राजनीतिक गठबंधन की स्थिति और स्कोप को बेहतर तरीके से समझने के लिए आपको उसके फॉर्मेशन, फंक्शनिंग और हिस्ट्री के बारे में जानना होगा.

  • 1. गठबंधन क्या है और इसका गठन कैसे होता है?

    जब दो या दो से ज्‍यादा पॉलिटिकल पार्टियां एकसाथ आकर एक-दूसरे के सहयोग से मिल-जुलकर चुनाव लड़ती हैं, तब गठबंधन होता है (यह चुनाव से पहले या बाद में हो सकता है). यह किसी एक पॉलिटिकल पार्टी के दबदबे या पावर को कम करता है. गठबंधन आमतौर पर तब होता है जब:

    • जब कोई सिंगल पॉलिटिकल पार्टी पार्लियामेंट में कामचलाऊ बहुमत भी हासिल नहीं कर पाती है.
    • जब दो पार्टियों को एक बराबर सीट मिल जाती हैं और उनके बीच गतिरोध पैदा होने की संभावना होती है, ऐसी स्थिति में एक पार्टी को बहुमत हासिल करने के लिए गठबंधन करने की जरूरत होती है.

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