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Recap: महंगाई पर कंट्रोल, इफ्तार के लिए मारपीट, इस हफ्ते के भ्रामक दावों का सच

कभी सुशील मोदी ने दावा किया कि सरकार महंगाई रोक रही, तो कभी 15 बच्चे होेन की बात कहते शख्स को भारत का बताया गया

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Recap:  महंगाई पर कंट्रोल, इफ्तार के लिए मारपीट, इस हफ्ते के भ्रामक दावों का सच
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रमजान (Ramazan) के आखिरी हफ्ते में सोशल मीडिया पर एंटी मुस्लिम नैरेटिव को बढ़ावा देते कई भ्रामक दावे किए गए. कभी सऊदी में बैठने की व्यवस्था को लेकर हुई मारपीट का वीडियो गलत दावे से वायरल हुआ. तो कबी तिरुपति बालाजी के पुजारी के नाम पर ये झूठा दावा कर दिया गया कि ''मंदिर का पैसा ईसाई और मुस्लिमों पर खर्च होता है''

क्विंट की वेबकूफ टीम ने इन सभी वायरल दावों की पड़ताल की, एक नजर में जानिए सभी का सच.

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इफ्तार के दौरान झड़प के इस वीडियो का सच क्या है ?

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ लोग आपस में मारपीट करते नजर आ रहे हैं. वीडियो में दिख रहे लोगों के लिबास से वो मुस्लिम समुदाय के लग रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि वो रमजान में पूरे दिन भूखे रहने के बाद खाने के लिए आपस में लड़ाई कर रहे हैं.

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(सोर्स: स्क्रीनशॉट/फेसबुक)


ये घटना 2019 की है और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के मदीना की है. तब इफ्तार से पहले बैठने को लेकर लोगों में झगड़ा हो गया था. इस वीडियो को भ्रामक दावे से शेयर किया जा रहा है.

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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भी पीएम मोदी ने नहीं बढ़ने दी महंगाई? 

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने एक ट्वीट कर दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने रूस यूक्रेन युद्ध के बीच भी खाने की चीजों पर महंगाई नहीं बढ़ने दी.

इस ट्वीट में सुशील मोदी के ही बयान की एक क्लिप भी है, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि महंगाई काबू में रखने के लिए मोदी सरकार ने बजट में 2 लाख करोड़ की अतिरिक्त सब्सिडी का प्रावधान किया.

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सोर्स : स्क्रीनशॉट/ट्विटर

हमारी पड़ताल में सुशील मोदी के ये दावे भ्रामक निकले. केंद्र सरकार के आंकड़े ही बताते हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच देश में खाद्य सामग्री पर महंगाई दर 1.40% बढ़ी.

वहीं सुशील मोदी जिस 2 लाख करोड़ की अतिरिक्त सब्सिडी की बात कर रहे हैं वो भी सच नहीं है. केंद्र सरकार ने 2022-23 के बजट में लगभग 2.07 लाख करोड़ सब्सिडी जारी की है. लेकिन, ये कोई एक्स्ट्रा सब्सिडी नहीं, हर साल जारी होने वाली सब्सिडी है. बल्कि इस साल जारी की गई सब्सिडी पिछले साल सब्सिडी पर हुए खर्च से कम है.

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15 बच्चे होने की बात कह रहा ये शख्स भारतीय मुस्लिम है?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स इंटरव्यू में ये कह रहा है कि उसके 15 बच्चे हैं. वीडियो को भारत के जनसंख्या विस्फोट से जोड़कर शेयर किया जा रहा है. वीडियो पोस्ट में आगे कहा गया है कि यही वजह है NRC और जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून जरूरी है.

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(सोर्स: स्क्रीनशॉट/ट्विटर)

ये वीडियो भारत नहीं, पाकिस्तान का है, जिसमें एक झुग्गी में रहने वाले एक मुस्लिम शख्स का इंटरव्यू दिखाया गया है जो कहता है कि उसके 15 बच्चे हैं.

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AIDS संक्रमित तरबूज बेचने के फर्जी दावे वाली ये खबर दैनिक भास्कर ने नहीं छापी

सोशल मीडिया पर दैनिक भास्कर अखबार का बताकर एक क्लिप वायरल हो रही है. इसमें दावा किया गया है कि कुछ मुस्लिम युवक तरबूज में एड्स संक्रमित इंजेक्शन लगाकर बेच रहे थे, जिन्हें लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

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(सोर्स: स्क्रीनशॉट/ट्विटर)

ये दावा मनगढ़ंत है. हमने लखनऊ में दैनिक भास्कर के संवाददाता से संपर्क किया. उन्होंने हमें बताया कि भास्कर की तरफ से ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं छापी. उन्होंने हमें ये भी बताया कि पिछले साल भी ये स्क्रीनशॉट वायरल हुआ था.

वहीं बात रही एचआईवी संक्रमित तरबूज वाले दावे की तो हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, HIV पानी या खाने से नहीं फैलता, क्योंकि ये वायरस मानव शरीर से बाहर लंबे समय तक नहीं रह पाता.

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तिरुपति बालाजी के मुख्य पुजारी के नाम पर वायरल ये मैसेज सही है?

एक वायरल मैसेज में दावा किया जा रहा है कि तिरुपति बालाजी मंदिर के मुख्य पुजारी ने हिंदुओं से मंदिर की दान पेटी में कोई दान न देने की अपील करते हुए कहा है कि ''मंदिर का पैसा हिंदुओं पर नहीं ईसाई और मुस्लिम समुदाय पर खर्च होता है''. वायरल मैसेज को मुख्य पुजारी की तरफ से जारी की गई अपील की तरह शेयर किया जा रहा है.

<div class="paragraphs"><p><strong>वॉट्सऐप पर भी वायरल है मैसेज</strong></p></div>

वॉट्सऐप पर भी वायरल है मैसेज

फोटो : स्क्रीनशॉट/वॉट्सऐप

मैसेज में किए गए सांप्रदायिक और राजनीतिक दावों की पुष्टि के लिए हमने मुख्य पुजारी पीवी रमन दीक्षितुलु से ही संपर्क किया. क्विंट से बातचीत में उन्होंने बताया कि मंदिर में आने वाले दान का सही उपयोग न होने को लेकर वे चिंता जाहिर कर चुके हैं.

मुख्य पुजारी होने के नाते मेरा फर्ज बनता है कि मैं ये भी देखूं कि श्रद्धालुओं का दान किया गया पैसा सही जगह पर खर्च हो रहा है या नहीं. कांक्रीट का जंगल बनाना या बड़ी संख्या में सैलरी बांटना श्रद्धालुओं के दान का सही उपयोग नहीं है. न ही धर्म परिषद को पैसे देना सही उपयोग है. इसीलिए मैंने अपील की थी कि तिरुपति बालाजी मंदिर में दान न करें. मैंने ऐसा कभी नहीं कहा कि मंदिर में आने वाला दान मुस्लिम और ईसाई समुदाय पर खर्च होता है. मेरे बयान को गलत तरीके से प्रोपैगेट किया जा रहा है.
एवी रमन दीक्षितुलु, मुख्य पुजारी तिरुपति बालाजी मंदिर

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