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West Bengal: पुलिस पर हमला करते BJP कार्यकर्ताओं का ये वीडियो पुराना है

Fact Check: ये वीडियो सितंबर 2020 में बीजेपी के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान का है.

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोगों को पुलिसकर्मियों पर लाठियों से हमला करते देखा जा सकता है. वीडियो में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के झंडे देखे जा सकते हैं.

क्या है दावा?: वीडियो शेयर कर मराठी में लिखा गया है, ''पोलिसांना झोडपून काढणारे कुणी काश्मिरी अतिरेकी नाहीत बर हे आहेत भाजपचे हिंदू कार्यकर्ते,हेच आहे का, भाजपाचं हिंदुत्व.. हि हिटलरशाहीची सुरूवात तर नव्हे..''

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(अनुवाद: पुलिस को पीटने वाले कोई कश्मीरी चरमपंथी नहीं हैं बल्कि वो बीजेपी के हिंदू कार्यकर्ता हैं, क्या यही बीजेपी का हिंदुत्व है? ये हिटलरशाही की शुरुआत नहीं है.)

  • पश्चिम बंगाल में 8 जुलाई को पंचायत चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में वहां से हिंसा की खबरें सामने आने के बाद ये दावा किया जा रहा है.

Fact Check: ये वीडियो सितंबर 2020 में बीजेपी के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान का है.

पोस्ट का आर्काइव देखने के लिए यहां क्लिक करें

(सोर्स: स्क्रीनशॉट/ट्विटर)

हमारी WhatsApp टिपलाइन पर भी दावे से जुड़ीं क्वेरी आई हैं.

(ऐसे और भी दावों के आर्काइव आप यहां, यहां और यहां देख सकते हैं.)

सच क्या है?: वायरल वीडियो पुराना है और इसका पश्चिम बंगाल में हाल में हुई हिंसा से कोई संबंध नहीं है.

  • वायरल वीडियो 13 सितंबर 2022 का है, जिसमें कोलकाता के एसीपी देबजीत चटर्जी पर हमला करते लोगों को देखा जा सकता है. तब बीजेपी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ 'नाबन्न चलो अभियान' नाम का प्रोटेस्ट किया था.

हमने सच का पता कैसे लगाया?: वायरल वीडियो को ध्यान से देखने पर बीजेपी के झंडे और बांग्ला भाषा में लिखे साइनबोर्ड दिखे.

Fact Check: ये वीडियो सितंबर 2020 में बीजेपी के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान का है.

बंगाली में लिखे साइनबोर्ड

(फोटो: Altered by The Quint)

  • यहां से क्लू लेकर, हमने जरूरी कीवर्ड की मदद से वीडियो से जुड़ी न्यूज रिपोर्ट्स सर्च कीं.

  • इससे हमें Hindustan Times की 14 सितंबर 2022 की एक रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में टीमसी सरकार के खिलाफ बीजेपी के 'नबन्ना चलो' अभियान के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कोलकाता पुलिस के असिस्टेंट कमिश्नर पर हमला किया था.

Fact Check: ये वीडियो सितंबर 2020 में बीजेपी के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान का है.

ये रिपोर्ट सितंबर 2022 में पब्लिश हुई थी.

(सोर्स: स्क्रीनशॉट/Hindustan Times)

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  • The Quint ने भी सितंबर 2022 में बीजेपी की ओर से पश्चिम बंगाल में चलाए जा रहे 'नाबन्न चलो' अभियान पर रिपोर्ट पब्लिश की थी. इस स्टोरी में इस्तेमाल की गई एक फोटो वायरल वीडियो के एक फ्रेम से मेल भी खाती है.

Fact Check: ये वीडियो सितंबर 2020 में बीजेपी के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान का है.

दोनों तस्वीरों में एक ही जैसे दृश्य दिख रहे हैं.

(फोटो: Altered by The Quint)

तब क्विंट के साथ काम कर रहे संवाददाता ने भी यही वीडियो शेयर किया था, जिसमें बताया गया था कि वीडियो में अभियान के दौरान कोलकाता के बड़ाबाजार इलाके में कोलकाता पुलिस के असिस्टेंट कमिश्नर को चोट पहुंचाते लोग दिख रहे हैं.

बीजेपी का 'नाबन्न चलो अभियान': कई टीएमसी नेताओं के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप सामने आने के बाद, पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने राज्य सरकार के खिलाफ 'नाबन्न चलो' (सचिवालय तक मार्च) विरोध प्रदर्शन शुरू किया था.

  • ये प्रदर्शन मुख्य रूप से कोलकाता और हावड़ा में किया गया, जिसमें करीब 139 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इसमें हुई हिंसा में 53 पुलिसकर्मी घायल हुए थे.

  • वीडियो में असिस्टेंट कमिश्नर देबजीत चटर्जी को पिटते देखा जा सकता है.

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निष्कर्ष: पश्चिम बंगाल में पुलिसकर्मियों की पिटाई का पुराना वीडियो वहां हाल में हुई हिंसा से जोड़कर गलत दावे से शेयर किया जा रहा है.

(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9643651818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं)

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