कोरोना खतरे के बीच खुलेंगे स्कूल, सुरक्षा और शिक्षा दोनों जरूरी

जानिए सरकारी स्कूल के सामने ‘ऑनलाइन क्लेस्ज’ की चुनौतियाँ क्या हैं. 

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जानिए सरकारी स्कूल के सामने ‘ऑनलाइन क्लेस्ज’ की चुनौतियाँ क्या हैं. 
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रिपोर्ट: फ़बेहा सय्यद
असिस्टेंट एडिटर: मुकेश बौड़ाई
म्यूजिक: बिग बैंग फज

लंबे लॉकडाउन के बाद और कोरोना के खतरे के बीच अब पहली बार स्कूल खुलने जा रहे हैं, लेकिन सिर्फ 9वीं से लेकर 12वीं तक के बच्चों के लिए ये विकल्प दिया गया है. इसमें भी अगर बच्चों के पेरेंट्स उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं तो वो अपने बच्चों को घर पर ही रख सकते हैं. कहा गया है कि बच्चे टीचर्स से कंसल्ट करने के लिए स्कूल जा सकते हैं. यानी जिन टॉपिक्स पर डाउट है, उन्हें स्कूल जाकर टीचर से पूछ सकते हैं.

लेकिन स्कूल खोले जाने को लेकर स्कूल प्रशासन आखिर किस हद तक तैयार है, खासतौर पर सरकारी स्कूल, जहां पर बच्चों को ज्यादा खतरा हो सकता है? साथ ही ये भी सवाल है कि जब भारत में कोरोना अपने पीक पर है और एक दिन में 90 हजार से भी ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं तो क्या अभी स्कूल खोलना सही है?

इसी सब पर आज इस पॉडकास्ट में बात करेंगे.

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