अगले दो चरण के मतदान के बाद लोकसभा चुनावों का शोर थम जाएगा. लेकिन इसके ठीक बाद सरकार बनाने को लेकर जद्दोजहद का शोर शुरू होगी. इसके लिए विपक्षी दलों ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं. चुनाव नतीजों से ठीक पहले दिल्ली में 21 मई को विपक्षी दलों की अहम बैठक हो सकती है. जिसमें सरकार बनाने की संभावनाओं के बारे में चर्चा होगी.
आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को राहुल गांधी से मुलाकात कर नतीजों से पहले बैठक के बारे में चर्चा की. 21 मई को होने वाली इस बैठक में लगभग सभी 21 विपक्षी दलों के शामिल होने की उम्मीद है
पहले से ही तैयारी
लोकसभा चुनाव के पांच चरण का मतदान पूरा हो चुका है, जिसके बाद सभी पार्टियों को 23 मई की धुंधली तस्वीर नजर आने लगी है. ऐसे में अब विपक्षी पार्टियों को उम्मीद है कि उन्हें इस बार सरकार बनाने का मौका मिल सकता है. अगर बीजेपी एनडीए के साथ मिलकर बहुमत हासिल नहीं कर पाई तो इस गोल्डन चांस को विपक्षी दल मिस नहीं करना चाहेंगे. इसी को देखते हुए तैयारियां तेज हो चुकी हैं. अब 21 मई को होने वाली बैठक में सरकार बनने की किसी भी स्थिति में एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा.
विपक्षी दल इस बैठक में राष्ट्रपति को एक चिट्ठी भी लिख सकते हैं. जिसमें सरकार बनाने को लेकर मौका दिए जाने की बात रखी जाएगी. 21 विपक्षी दल राष्ट्रपति से अपील करेंगे कि अगर किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिल पाता है, तो किसी एक बड़ी पार्टी को ही मौका न दिया जाए
विपक्ष के लिए बन सकती है बात
लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए कुल 543 सीटों में से 272 सीटें चाहिए होंगी. पिछले सा यानी 2014 के चुनावों में बीजेपी अकेले ही 282 सीट जीतकर सत्ता में आई थी. इसके अलावा एनडीए के घटक दलों को मिलाकर ये आंकड़ा कुल 336 तक पहुंच गया था. लेकिन इस बार अगर बीजेपी को पूर्ण बहुमत नहीं मिल पाता है और एनडीए की सरकार नहीं बन पाती है तो विपक्षी दलों के पास एक सुनहरा मौका होगा.
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