कला और संस्कृति

136 साल बीत गए, भारतीय कला जगत के पापा अब भी पिकासो हैं

पाबलो पिकासो

136 साल बीत गए, भारतीय कला जगत के पापा अब भी पिकासो हैं

राही मासूम रज़ा ने बरसों पहले ही लिख दिया था ‘आज का हिंदुस्तान’

राही मासूम रज़ा ने बरसों पहले ही लिख दिया था ‘आज का हिंदुस्तान’

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पत्रकार के तजुर्बे और कलमकार की कल्पना का रोमांचक कॉकटेल है ‘नैना’

‘नैना’ पत्रकार संजीव पालीवाल का पहला उपन्यास है

पत्रकार के तजुर्बे और कलमकार की कल्पना का रोमांचक कॉकटेल है ‘नैना’

दुष्यंत कुमार: सत्ता के कुकर्मों के खिलाफ गुस्से से पैदा हुई आवाज

दुष्यंत कुमार: सत्ता के कुकर्मों के खिलाफ गुस्से से पैदा हुई  आवाज

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भिखारी ठाकुर: भोजपुरी के ‘शेक्सपियर’ और सामाजिक चेतना के प्रतीक

अपनी रचनाओं के माध्यम से भिखारी ठाकुर ने भोजपुरी और भोजपुरी भाषा साहित्य को पूरे विश्व से अवगत कराया.

भिखारी ठाकुर: भोजपुरी के ‘शेक्सपियर’ और सामाजिक चेतना के प्रतीक

छठी मैया पर अपार श्रद्धा लेकिन यमुना मैया का कितना ख्याल रखा?

छठी मैया पर अपार श्रद्धा लेकिन यमुना मैया का कितना ख्याल रखा?

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बेगम अख्‍तर: कोठे की चौखट से मल्लिका-ए-गजल तक का सफर... 

बेगम अख्तर की वालिदा मुश्तरी बाई लखनऊ के नवाबों की दरबारी गायिका थीं.

बेगम अख्‍तर: कोठे की चौखट से मल्लिका-ए-गजल तक का सफर... 

बेगम अख्तर की वो रूहानी आवाज, जो आपके दिल को छू जाती है

45 साल की उम्र तक बेगम अख्तर गजल गायन में सक्रिय रहीं

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उर्दूनामा पॉडकास्ट: जब खुदा साथ है,तो ‘अर्जियों’ की जरूरत क्‍यों?

उर्दूनामा में जानिए अल्लाह और अर्जियों का संबंध

उर्दूनामा पॉडकास्ट: जब खुदा साथ है,तो ‘अर्जियों’ की जरूरत क्‍यों?