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नेपाल विमान हादसा,महात्मा गांधी और जेपी नड्डा से जुड़े झूठे दावों का क्या है सच?

न तो महात्मा गांधी को 'महात्मा' की उपाधि ब्रिटिश हुकूमत ने दी और न ही जेपी नड्डा ने BJP की आलोचना की.

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नेपाल (Nepal) के पोखरा में 15 जनवरी को हुए प्लेन क्रैश से जुड़े गलत दावों से लेकर महात्मा गांधी की 'महात्मा' उपाधि तक. मस्जिद में पाकिस्तान (Pakistan) का झंडा फहराने की वजह से उसे तोड़ने के झूठे दावे से लेकर जेपी नड्डा को बीजेपी (BJP) सरकार की आलोचना करने के एडिटेड वीडियो तक, इस हफ्ते सोशल मीडिया पर वायरल ऐसे तमाम झूठे दावों की पड़ताल यहां है.

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क्या ये फोटो नेपाल में हुए विमान हादसे की है?

नेपाल में प्लेन क्रैश की घटना से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर की गई जिसमें एक क्रैश हुआ प्लेन दिख रहा है. इस फोटो को  DNA India, India TodayANIThe Economic TimesMirror Now और India Tv जैसे कई न्यूज वेबसाइट ने भी शेयर किया.

न तो महात्मा गांधी को 'महात्मा' की उपाधि ब्रिटिश हुकूमत ने दी और न ही जेपी नड्डा ने BJP की आलोचना की.

ये फोटो 2012 की है.

(सोर्स: क्विंट हिंदी)

ये फोटो नेपाल में अभी हुए प्लेन क्रैश की नहीं, बल्कि साल 2012 की है. तब नेपाल में काठमांडू में एक प्राइवेट फर्म सीता एयर का एक प्लेन क्रैश हुआ था, ये फोटो उसी घटना को दिखाती है. इस घटना में 19 लोगों की जान चली गई थी.

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Bhima-Koregaon की लड़ाई में लड़ने वाले सैनिक की है ये तस्वीर?

तलवार के साथ दिख रहे एक शख्स की फोटो को 1818 में हुई भीमा-कोरगांव (Bhima-Koregaon) की लड़ाई से जोड़कर दावा किया गया कि ये शख्स इस लड़ाई में लड़ने वाला एक सैनिक है.

न तो महात्मा गांधी को 'महात्मा' की उपाधि ब्रिटिश हुकूमत ने दी और न ही जेपी नड्डा ने BJP की आलोचना की.

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(सोर्स: स्क्रीनशॉट/फेसबुक)

पड़ताल में हमने पाया कि ये तस्वीर दक्षिण अफ्रीका में जुलु साम्राज्य के राजा के छोटे भाई प्रिंस नडाबुको काम्पांडे की है. न कि भीमा कोरेगांव की लड़ाई में हिस्सा लेने वाले महार सैनिक की.

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महात्मा गांधी को ब्रिटिश हुकूमत ने दी थी 'महात्मा' की उपाधि?

सोशल मीडिया पर एक ग्राफिक शेयर कर दावा किया गया कि मोहनदास करमचंद गांधी को 'महात्मा' का खिताब ब्रिटिश हुकूमत ने 1938 में दिया था.

न तो महात्मा गांधी को 'महात्मा' की उपाधि ब्रिटिश हुकूमत ने दी और न ही जेपी नड्डा ने BJP की आलोचना की.

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(सोर्स: स्क्रीनशॉट/ट्विटर)

पड़ताल में हमने पाया कि ग्राफिक में दिख रहे मेमोरेंडम को ब्रिटिश सरकार ने नहीं, बल्कि कांग्रेस की प्रांतीय सरकार ने जारी किया था. वहीं इतिहासकार रामचंद्र गुहा अपनी किताब में बताते हैं कि पहली बार एमके गांधी को 'महात्मा' से संबोधित करने का श्रेय प्रणजीवन महता को जाता है. गुजरात हाइकोर्ट ने 2016 में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए माना था कि सबसे पहले रविंद्र नाथ टैगार ने एमके गांधी के नाम के आगे 'महात्मा' लगाया था.

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त्रिपुरा में जेपी नड्डा ने की BJP की आलोचना?

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा का एक वीडियो शेयर किया गया जिसमें वो बीजेपी सरकार की तुलना 'रेप' से करते नजर आ रहे हैं. वीडियो को कांग्रेस से जुड़े हैंडल से शेयर किया गया.

न तो महात्मा गांधी को 'महात्मा' की उपाधि ब्रिटिश हुकूमत ने दी और न ही जेपी नड्डा ने BJP की आलोचना की.

कांग्रेस से जुड़े हैंडल से शेयर किया गया वीडियो

(सोर्स: स्क्रीनशॉट/फेसबुक)

जेपी नड्डा का ये वीडियो असल में त्रिपुरा में 12 जनवरी की एक रैली का है. तब उन्होंने कहा था कि CPI (M) की सरकार मतलब रेप, हड़ताल, नारेबाजी, इंप्लॉई से उगाही, महंगा चंदा इकट्ठा करना, और राजनीतिक हत्याएं कराना है.

वहीं बीजेपी को लेकर कहा था कि बीजेपी का मतलब विकास कराना है.

जेपी नड्डा का वीडियो एडिट कर उसे गलत दावे से शेयर किया गया है.

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UP में पाकिस्तान का झंडा फहराने की वजह से तोड़ी गई मस्जिद?

सोशल मीडिया पर एक मस्जिद को क्रेन और खुदाई मशीन से गिराए जाने का वीडियो शेयर कर दावा किया गया कि यूपी के सैदाबाद में मस्जिद को इसलिए गिरा दिया गया क्योंकि इसके ऊपर पाकिस्तान का झंडा फहराया गया था.

न तो महात्मा गांधी को 'महात्मा' की उपाधि ब्रिटिश हुकूमत ने दी और न ही जेपी नड्डा ने BJP की आलोचना की.

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(सोर्स: स्क्रीनशॉट/फेसबुक)

प्रयागराज पुलिस की मीडिया सेल के मुताबिक, ये दावा कि मस्जिद को पाकिस्तानी झंडा फहराने की वजह से गिराया गया, पूरी तरह झूठ है.

उन्होंने क्विंट को बताया कि लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सड़क चौड़ी करने के लिए मस्जिद को गिराया था. इसके अलावा, हमें ऐसी कई रिपोर्ट्स भी मिलीं, जिनमें यही बात बताई गई थी कि सड़क को चौड़ा करने के लिए मस्जिद गिराई गई है.

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(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9643651818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं)

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